छत्तीसगढ़ में 108 माओवादियों ने छोड़ी बंदूक, 3.95 करोड़ का था इनाम

हथियारों का सबसे बड़ा जखीरा बरामद

रायपुर/एजेंसी। बस्तर संभाग में माओवाद के खिलाफ जारी जंग में बुधवार को एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। राज्य सरकार की पूना मारगेम यानी पुनर्वास से पुनर्जीवन पहल से प्रभावित होकर दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी से जुड़े 108 माओवादियों ने हिंसा का रास्ता त्याग दिया। जगदलपुर के शौर्य भवन में आयोजित एक कार्यक्रम में इन कैडरों ने पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारियों के सामने हथियार डाले। इन सभी पर कुल मिलाकर 3.95 करोड़ रुपये का इनाम घोषित था।
यह सरेंडर केवल आत्मसमर्पण तक सीमित नहीं रहा। सरेंडर करने वाले नक्सलियों से मिली गुप्त सूचना के आधार पर सुरक्षा बलों ने बस्तर रेंज के जंगलों से हथियारों और विस्फोटक सामग्री का अब तक का सबसे बड़ा जखीरा बरामद किया है। इन हथियारों को जगदलपुर में आयोजित प्रदर्शनी के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित भी किया गया।
पुलिस के आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में 2700 से अधिक माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं। सरकार की प्रभावी पुनर्वास नीति के तहत उन्हें आर्थिक सहायता के साथ-साथ आवास, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर दिए जा रहे हैं।
गोंडी भाषा में पूना मारगेम का अर्थ है नया रास्ता। यह छत्तीसगढ़ पुलिस की एक बहुआयामी पहल है जिसका उद्देश्य न केवल नक्सलियों का आत्मसमर्पण कराना है, बल्कि उन्हें समाज में सम्मानजनक स्थान दिलाना भी है। इसमें समर्पित नक्सलियों को सुरक्षा के साथ-साथ उनके कौशल के आधार पर आत्मनिर्भर बनाने के लिए विशेष ट्रांजिट कैंप और ट्रेनिंग प्रोग्राम की व्यवस्था की जाती है।

बीजापुर37
दंतेवाड़ा30
सुकमा18
बस्तर16
नारायणपुर04
कांकेर03

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button