खखरेरु क्षेत्र में दिनदहाड़े हरे प्रतिबंधित पेड़ों की कटान का आरोप, वन विभाग ने जांच के दिए निर्देश
फतेहपुर के खखरेरु थाना क्षेत्र में हरे प्रतिबंधित पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। खन्तवां और ऐमापुर गांव में दिनदहाड़े नीम के पेड़ काटे जाने का आरोप है। घटना का वीडियो इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, जिसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। वन क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने ऐमापुर में चार पेड़ों की अनुमति होने की बात कही है और अधिक कटान मिलने पर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। खन्तवां में भी वन विभाग की टीम जांच के लिए भेजी गई है।

संवाददाता/सत्येंद्र शुक्ला
फतेहपुर/उत्तर प्रदेश। खखरेरु थाना क्षेत्र में हरे प्रतिबंधित पेड़ों की कथित अवैध कटान का मामला सामने आया है। क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर दिनदहाड़े हरे पेड़ों की कटान किए जाने के आरोप लग रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार पेड़ों की कटान के बावजूद वन विभाग इस पर प्रभावी अंकुश नहीं लगा पा रहा है। मामले को लेकर एक वीडियो भी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित हो रहा है, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
जानकारी के अनुसार, खखरेरु थाना क्षेत्र के खन्तवां गांव के पास महुआ तथा ऐमापुर गांव में नहर से करीब 50 मीटर की दूरी पर हरे नीम के पेड़ों की कटान किए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों के मुताबिक, कथित तौर पर ठेकेदार द्वारा दिनदहाड़े पेड़ों को कटवाया गया और काटी गई लकड़ी मौके पर ही छोड़ दी गई। मामले से संबंधित एक वीडियो इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित होने की बात कही जा रही है।
प्रसारित वीडियो में कथित रूप से पेड़ों की कटान और मौके पर पड़ी लकड़ी दिखाई दे रही है। हालांकि, वीडियो की सत्यता और उसमें दिखाई दे रहे स्थान एवं घटना की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद दिनदहाड़े हरे पेड़ों की कटान के आरोपों ने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सरकार की ओर से पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए प्रत्येक वर्ष ग्राम सभाओं में पौधरोपण अभियान चलाया जाता है और बड़ी संख्या में पौधे लगाए जाते हैं। ऐसे में यदि दूसरी ओर हरे और प्रतिबंधित पेड़ों की अवैध रूप से कटान होती है तो पौधरोपण अभियान के उद्देश्य पर भी असर पड़ सकता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से क्षेत्र में पेड़ों की कटान की जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में वन क्षेत्राधिकारी गौरव सिंह ने बताया कि ऐमापुर में चार पेड़ों की कटान की अनुमति होने की जानकारी है। उन्होंने कहा कि यदि निर्धारित अनुमति से अधिक पेड़ों की कटान पाई जाती है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं खन्तवां गांव में पेड़ों की कटान की सूचना पर वन विभाग की टीम भेजे जाने की बात भी उन्होंने कही।
वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि टीम मौके पर जाकर जांच करेगी और जांच में यदि नियमों का उल्लंघन अथवा अवैध कटान सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
क्षेत्र में लगातार हरे पेड़ों की कटान को लेकर उठ रहे सवालों के बीच अब वन विभाग की जांच पर लोगों की नजर है। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रतिबंधित एवं हरे पेड़ों की कटान पर प्रभावी निगरानी के साथ-साथ दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि पर्यावरण को होने वाले नुकसान को रोका जा सके।




