महामाया कॉलेज की मरम्मत में तेजी के निर्देश, डीएम ने मौके पर परखी कार्य की रफ्तार

कौशाम्बी के ओसा स्थित महामाया राजकीय महाविद्यालय का डीएम डॉ. अमित पाल ने निरीक्षण कर मरम्मत कार्यों की प्रगति परखी। उन्होंने यूपीसीएलडीएफ को काम में तेजी लाने, गुणवत्ता और समयसीमा का पालन करने तथा मरम्मत के दौरान पढ़ाई प्रभावित न होने देने के निर्देश दिए।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ

कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। महामाया राजकीय महाविद्यालय, ओसा में चल रहे भवन मरम्मत कार्यों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने बुधवार को महाविद्यालय पहुंचकर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर चल रहे कार्यों की प्रगति देखी और भवन की वर्तमान स्थिति का जायजा लेते हुए संबंधित अधिकारियों को मरम्मत कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने महाविद्यालय के प्राचार्य से अब तक कराए गए मरम्मत कार्यों और वर्तमान प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भवन से जुड़े जरूरी कार्यों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। संबंधित कार्यदायी संस्था से समन्वय स्थापित कर सभी आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे कराए जाएं।
डीएम ने यूपीसीएलडीएफ के अधिशासी अभियंता को निर्देशित किया कि महाविद्यालय प्रशासन के साथ लगातार समन्वय बनाए रखते हुए कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा कराया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मरम्मत कार्यों के कारण महाविद्यालय में पठन-पाठन और अन्य शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित नहीं होनी चाहिए। विद्यार्थियों की पढ़ाई सुचारु रूप से जारी रखने के लिए कार्य की योजना उसी के अनुरूप तैयार करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने चल रहे कार्यों की प्रगति रिपोर्ट भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता पर विशेष ध्यान देने को कहा। डीएम ने अधिकारियों को स्पष्ट किया कि मरम्मत कार्यों में निर्धारित मानकों की अनदेखी किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए और इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि भवन की सुरक्षा और विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्यों को प्राथमिकता दी जाए। जहां मरम्मत का काम चल रहा है, वहां सुरक्षा संबंधी जरूरी इंतजाम भी सुनिश्चित किए जाएं, ताकि छात्र-छात्राओं और महाविद्यालय के कर्मचारियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्य की नियमित निगरानी की जाए और किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर जिम्मेदारी तय की जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समयसीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कार्य पूरा कराना संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी संस्था की जिम्मेदारी है।
डीएम के निरीक्षण के बाद महाविद्यालय में चल रहे मरम्मत कार्यों को जल्द पूरा किए जाने की उम्मीद बढ़ी है। प्रशासन का जोर भवन की स्थिति में सुधार के साथ-साथ यह सुनिश्चित करने पर है कि मरम्मत कार्यों के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई और महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

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