वीवीआईपी के लिए रेड कार्पेट, आमजन के हिस्से में कीचड़; हरियाणा वन महोत्सव में व्यवस्था का दिखा दोहरा चेहरा
मानेसर में राज्य स्तरीय वन महोत्सव में वीवीआईपी के लिए कालीन बिछाए गए, जबकि आम जनता को लगातार बारिश के कारण कीचड़ भरे रास्ते से गुजरना पड़ा।

गुरुग्राम। मानेसर में शुक्रवार को आयोजित राज्य स्तरीय वन महोत्सव के दौरान जहां एक ओर पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के संदेश दिए गए, वहीं दूसरी ओर कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने में आम लोगों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। लगातार हो रही वर्षा के बीच कच्चे रास्तों पर समुचित इंतजाम न होने से लोग कीचड़ से होकर गुजरने को मजबूर हुए, जिससे प्रशासनिक तैयारियों पर सवाल खड़े हो गए।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव विशिष्ट अतिथि रहे, जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के वन एवं पर्यावरण मंत्री राव नरबीर सिंह ने की। बड़ी संख्या में लोग, जिनमें बच्चे भी शामिल थे, कार्यक्रम में पहुंचे।
हालांकि, कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले रास्ते की स्थिति बेहद खराब थी। लगातार बारिश के कारण कच्चा मार्ग कीचड़ में तब्दील हो गया था। आम लोगों को फिसलन भरे रास्ते से गुजरते हुए संभल-संभलकर आगे बढ़ना पड़ा। कई स्थानों पर लोग अपने कपड़े और जूते बचाते नजर आए।
इसके विपरीत, वीवीआईपी के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। सड़क से लेकर कार्यक्रम स्थल और पौधारोपण स्थल तक कालीन बिछाई गई थी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो। इससे आमजन और वीवीआईपी व्यवस्थाओं के बीच स्पष्ट अंतर नजर आया।
कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन पहले से ही बारिश की स्थिति को देखते हुए कच्चे रास्ते पर बजरी या अन्य अस्थायी व्यवस्था कर देता, तो लोगों को इतनी परेशानी नहीं उठानी पड़ती। उनका कहना था कि व्यवस्थाएं केवल वीवीआईपी तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि सभी आगंतुकों के लिए समान रूप से होनी चाहिए।
इस संबंध में मुख्य वन संरक्षक डॉ. सुभाष यादव ने कहा कि आमजन की सुविधा के लिए बजरी डाली गई थी, लेकिन लगातार वर्षा के कारण उसका अपेक्षित प्रभाव नहीं दिख सका। उन्होंने आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसे आयोजनों में मौसम को ध्यान में रखते हुए बेहतर व्यवस्था की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान सामने आई यह स्थिति प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोलती नजर आई और आमजन की सुविधा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर गई।




