ममता बनर्जी गुट ने जारी किया नया चुनाव चिन्ह, ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ को लेकर प्रचार तेज
नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी गुट ने नए नाम ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ के साथ फुटबॉल खिलाड़ी वाला चुनाव चिन्ह जारी किया। दोनों गुटों के पुराने नाम और चिन्ह फ्रीज होने के बाद यह बदलाव हुआ है।

कोलकाता,एजेंसी। पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम और रेजीनगर विधानसभा उपचुनाव से पहले ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने नए नाम और नए चुनाव चिन्ह के साथ अपनी चुनावी पहचान सार्वजनिक कर दी है। निर्वाचन आयोग ने पार्टी के मूल नाम और ‘फूल और घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिन्ह को अस्थायी रूप से रोकने के बाद ममता गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया है।
ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने सोमवार को नए चुनाव चिन्ह का प्रचार शुरू किया। पार्टी सूत्रों के अनुसार, नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने माध्यमों के जरिए नए चिन्ह को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने और मतदाताओं को नए चुनाव चिन्ह से परिचित कराने को कहा गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक नए चिन्ह के डिजाइन में पार्टी के पारंपरिक रंगों को भी शामिल किया गया है।
निर्वाचन आयोग ने 17 सितंबर को तृणमूल कांग्रेस के भीतर चल रहे विवाद के बीच ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फूल और घास’ वाले आरक्षित चुनाव चिन्ह के इस्तेमाल पर अस्थायी रोक लगा दी थी। आयोग ने दोनों गुटों को उपचुनावों में अलग-अलग नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरने के लिए कहा था। इसके बाद ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चिन्ह, जबकि दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘लिफाफा’ चुनाव चिन्ह आवंटित किया गया।
दोनों गुट नंदीग्राम और रेजीनगर उपचुनाव में नए नाम और चुनाव चिन्ह के साथ मैदान में उतरे हैं। हालांकि नंदीग्राम में ममता गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद रेजीनगर सीट पर ममता बनर्जी के गुट और दूसरे तृणमूल गुट के उम्मीदवारों के बीच मुकाबला होने की स्थिति बनी हुई है। दोनों सीटों पर मतदान 6 अक्टूबर को होना है।
इस बीच ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग के नाम और चुनाव चिन्ह संबंधी फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी है। 21 सितंबर को सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका को शीघ्र सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई और मामले में दूसरे गुट को भी अपनी बात रखने का अवसर दिए जाने की बात कही।




