बिहार सचिवालय में जींस-टीशर्ट पर रोक; समय की पाबंदी और अवकाश नियम कड़े
बिहार की राजधानी पटना में सचिवालय कर्मचारियों के लिए कुछ नियम बदल दिए गए हैं। नया ड्रेस कोड लागू किया गया है। नई मानक संचालन प्रक्रियाओं के तहत कर्मचारियों को औपचारिक पोशाक पहनना, पहचान पत्र प्रदर्शित करना और कार्यालय समय का पालन करना अनिवार्य है।

पटना/एजेंसी। बिहार सरकार ने सचिवालय में कार्यरत अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए कार्यस्थल अनुशासन को सुदृढ़ करने हेतु व्यापक दिशानिर्देश जारी किए हैं। सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) द्वारा जारी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के तहत अब सभी विभागों में औपचारिक पोशाक, समय की पाबंदी और अवकाश संबंधी प्रक्रियाओं का सख्ती से पालन अनिवार्य कर दिया गया है।
यह निर्देश सामान्य प्रशासन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव बी. राजेंदर द्वारा जारी पत्र के माध्यम से प्रभावी किए गए हैं। विभाग के अनुसार, सचिवालय सेवा के विभिन्न कैडरों के पुनर्गठन और पुनर्नामकरण के बाद यह एसओपी लागू की गई है, जिसमें स्टेनोग्राफर, सचिवालय सहायक, वरिष्ठ सचिवालय सहायक, सहायक अनुभाग अधिकारी और अनुभाग अधिकारी तक के कर्मचारियों की जिम्मेदारियों और कार्यप्रणाली को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है।
नई व्यवस्था के तहत सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को स्वच्छ, सुसज्जित और औपचारिक पोशाक में कार्यालय आना अनिवार्य होगा। जींस, टी-शर्ट या अन्य अनौपचारिक परिधान पहनकर कार्यालय आने पर पूर्णतः प्रतिबंध लगाया गया है। इसके साथ ही कार्यालय समय के दौरान सभी कर्मचारियों को अपना आधिकारिक पहचान पत्र गले में पहनकर रखना अनिवार्य किया गया है।
समय की पाबंदी को लेकर भी सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। सभी कर्मचारियों को निर्धारित समय पर कार्यालय पहुंचना होगा। बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली के माध्यम से तैयार रिकॉर्ड के आधार पर उपस्थिति और अनुशासन की निगरानी की जाएगी। बार-बार देर से आने, समय से पहले कार्यालय छोड़ने या बिना अनुमति अनुपस्थित रहने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
अवकाश और अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं में भी बदलाव किए गए हैं। कर्मचारियों को अवकाश पर जाने से पूर्व सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति प्राप्त करना अनिवार्य होगा। किसी अपरिहार्य स्थिति में देर से आने या शीघ्र जाने की स्थिति में पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा, जिसे विशेष परिस्थितियों में टेलीफोन या व्हाट्सएप के माध्यम से भी प्राप्त किया जा सकता है। सरकार के इस निर्णय को सचिवालय में कार्य संस्कृति और अनुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नई एसओपी से कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।




