आसाराम बापू 12 साल बाद जेल से रिहा, सुप्रीम कोर्ट ने दी राहत

Asaram Bapu released from jail after 12 years, Supreme Court gives relief

  • आसाराम बापू को मेडिकल आधार पर मिली अंतरिम जमानत
  • कोर्ट ने आसाराम से सबूतों में छेड़छाड़ न करने का आदेश दिया
  • आसाराम की खराब तबीयत के चलते जमानत का फैसला
  • पीड़िता के माता-पिता ने आसाराम पर गंभीर आरोप लगाए थे
  • आसाराम का बेटा नारायण साईं भी दुष्कर्म मामले में जेल में है बंद

जयपुर/एजेंसी। साल 2013 के बलात्कार मामले में जेल काट रहे आसाराम बापू को लेकर बड़ा फैसला आया है। कोर्ट ने मेडिकल आधार पर स्वयंभू संत आसाराम बापू को अंतरिम जमानत दे दी है। सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आसाराम सबूतों से छेड़छाड़ करने की कोशिश नहीं करेंगे। साथ ही अंतरिम जमानत पर रिहा होने के बाद अपने अनुयायियों से नहीं मिलेंगे। बता दें कि पिछले लंबे समय से आसाराम जेल में बंद था। साथ ही लंबे समय से इलाज के लिए जमानत मांगी जा रही थी, जिस पर मंगलवार को कोर्ट ने सख्त आदेशों के साथ फैसला दिया है। बताया जा रहा है कि आसाराम पिछले 13 साल से त्रिनाड़ी शूल की बीमारी से ग्रसित हैं। वे 2-3 साल से महिला वैद्य नीता से इलाज भी ले रहे हैं।
बार- बार बिगड़ रही तबीयत को देखकर कोर्ट ने दिया बड़ा फैसला
कोर्ट ने पिछले दिनों महाराष्ट्र के पुणे शहर में आयुर्वेदिक इलाज के लिए आसाराम को अनुमति भी दी थी। लेकिन पांच दिन पहले पुणे से उपचार करवाकर राजस्थान के जोधपुर लौटे आसाराम की शुक्रवार को फिर तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद उसे जेल से भगत की कोठी स्थित आरोग्य चिकित्सा केंद्र लाया गया। कोर्ट ने बार बार बिगड़ रही तबीयत और स्थिति को देखकर अब आसाराम को जमानत दे दी है। आसाराम की जमानत की खबर मिलने के बाद के भक्तों में खुशी की लहर है।
जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद है आसाराम , जानें केस में मिली थी सजा
आसाराम फिलहाल जोधपुर की सेंट्रल जेल में बंद है। 2013 में आसाराम पर नाबालिग लड़की के साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगा। लड़की के माता-पिता ने बताया कि उनकी बेटी छिंदवाड़ा के गुरुकुल में रहती थी। एक दिन उनके पास फोन आया कि बेटी की तबीयत खराब है, उस पर भूत-प्रेत का साया है। अब आसाराम ही उसे ठीक कर सकते हैं। लड़की के माता-पिता उसे लेकर जोधपुर स्थित आश्रम पहुंचे। आरोप लगा कि 16 साल की उनकी बेटी को आसाराम ने कुटिया में बुलाया और उसके साथ दुष्कर्म किया। 15 अगस्त 2013 को आसाराम के खिलाफ केस दर्ज किया गया। 31 अगस्त को आसाराम को इंदौर से गिरफ्तार कर लिया गया।
बता दें कि पीड़िता की बहन के साथ आसाराम के बेटे नारायण साईं की ओर से भी दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। इस मामले में नारायण साईं को अप्रैल 2019 में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। नारायण साईं जेल में ही बंद है। दुष्कर्म केस के दौरान आसाराम, उनके बेटे नारायण साईं और उनके समर्थकों पर गवाहों की हत्या करने का भी दोषी हैं।

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