न्याय न मिलने से परेशान महिला पेट्रोल लेकर अधिकारियों के पास पहुंची, आत्मदाह की दी चेतावनी
यूपी के सिद्धार्थनगर में पारिवारिक विवाद का एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें सामाजिक ताने-बाने पर सवाल खड़े कर दिए हैं। पिता-भाई की मौत के बाद भाभी ने ननद और सास को घर से निकाल दिया।

सिद्धार्थनगर,उत्तर प्रदेश। सिद्धार्थनगर जिले में पारिवारिक विवाद और न्याय न मिलने से परेशान एक महिला पेट्रोल की बोतल लेकर अधिकारियों के पास पहुंच गई। महिला के पास पेट्रोल देखकर पुलिस-प्रशासन में हड़कंप मच गया। अधिकारियों ने तत्काल हस्तक्षेप करते हुए महिला को कार्रवाई का आश्वासन दिया और मामले की निष्पक्ष जांच कराकर उसे उसके कानूनी अधिकार दिलाने की बात कही।
बताया जा रहा है कि पूरा मामला पारिवारिक संपत्ति और मृतक आश्रित कोटे की नौकरी से जुड़ा हुआ है। महिला ने अधिकारियों को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उसके पिता की मृत्यु के बाद उसके भाई को मृतक आश्रित कोटे के तहत नौकरी मिली थी। बाद में उसके भाई की भी मृत्यु हो गई। परिवार के कई अन्य सदस्यों की भी मृत्यु हो चुकी है, जबकि कुछ के बारे में कोई जानकारी नहीं है। महिला वर्तमान में अपनी बुजुर्ग और बीमार मां की देखभाल कर रही है।
महिला का आरोप है कि उसकी भाभी ने पुश्तैनी मकान पर कब्जा कर रखा है और उसकी बीमार मां तथा ननद को घर से बाहर कर दिया गया है। महिला का कहना है कि जब वह अपने पारिवारिक हिस्से और अधिकार की मांग करती है तो उसे कथित तौर पर धमकाकर वहां से भगा दिया जाता है। मां की बीमारी, पारिवारिक परिस्थितियों और घर से बेदखली के कारण वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गई थी।
इसी परेशानी के चलते महिला अपनी बीमार मां के साथ अधिकारियों के पास पहुंची और कथित तौर पर आत्मदाह का प्रयास करने की बात कही। उसके हाथ में पेट्रोल की बोतल देखकर पुलिस और प्रशासन के अधिकारी तत्काल सक्रिय हो गए। अधिकारियों ने महिला को समझाया और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
पुलिस-प्रशासन की ओर से महिला को आश्वासन दिया गया कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। अधिकारियों ने कहा कि जांच के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी और महिला के वैधानिक अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही, पुश्तैनी मकान पर कथित कब्जे के मामले में भी नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का भरोसा दिया गया।
घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने और विवाद की वास्तविक स्थिति का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। महिला द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अधिकारियों के आश्वासन के बाद महिला को शांत कराया गया और प्रकरण में आगे की कार्रवाई जारी है।




