बांके बिहारी मंदिर में चांदी के रथ चोरी का विवाद गरमाया, सेवायतों में आरोप-प्रत्यारोप
मथुरा के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कथित चांदी के रथ चोरी का मामला गरमाता जा रहा है। सेवायत ने कहा कि मंदिर परिसर में चोरी या डकैती की घटना नहीं हुई है।

मथुरा/उत्तर प्रदेश। ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में कथित चांदी के रथ चोरी का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। सोशल मीडिया पर मंदिर के सेवायत और पूर्व हाई पावर कमेटी सदस्य दिनेश गोस्वामी द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद मंदिर परिसर और श्रद्धालुओं के बीच चर्चाएं तेज हो गई हैं। कुछ सोशल मीडिया पोस्टों में इस प्रकरण की तुलना अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि चंदा विवाद से करते हुए निष्पक्ष जांच की मांग भी की जा रही है।
इस बीच मंदिर सेवायत एवं हाई पावर कमेटी सदस्य हिमांशु गोस्वामी ने आरोपों को पूरी तरह निराधार बताते हुए कहा है कि मंदिर परिसर में किसी प्रकार की चोरी या डकैती की घटना नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग जानबूझकर मंदिर की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रहे हैं।
हिमांशु गोस्वामी ने स्पष्ट किया कि जिन चांदी के रथों की बात कही जा रही है, वे मंदिर की संपत्ति नहीं बल्कि संबंधित गोस्वामी परिवारों के निजी रथ हैं, जिन्हें सेवा के दौरान ठाकुरजी के उपयोग के लिए मंदिर में लाया जाता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति चोरी का दावा करता है तो उसे पहले यह साबित करना होगा कि संबंधित रथ मंदिर की संपत्ति था। इसके लिए रथ का स्वामित्व, खरीद का बिल और मंदिर के अभिलेखों में दर्ज रिकॉर्ड सार्वजनिक करना आवश्यक होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि वास्तव में चोरी की घटना हुई है तो संबंधित व्यक्ति को पुलिस में मुकदमा दर्ज कराना चाहिए ताकि निष्पक्ष जांच हो सके। साथ ही उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आरोप सिद्ध नहीं होते हैं तो आरोप लगाने वाले को गोस्वामी समाज और श्रद्धालुओं से सार्वजनिक रूप से माफी मांगनी चाहिए।
हिमांशु गोस्वामी के अनुसार इस मुद्दे पर आगामी हाई पावर कमेटी की बैठक में भी चर्चा की जाएगी। उन्होंने बताया कि कमेटी के पास फिलहाल चांदी के रथ चोरी से संबंधित कोई आधिकारिक रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं है और इस संबंध में विस्तृत जानकारी कमेटी के अध्यक्ष द्वारा दी जाएगी।




