किसानों ने दिल्ली मार्च रोका, सरवन सिंह पंधेर बोले, मांगें मानी गईं
भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में पंजाब से हजारों किसान मंगलवार सुबह से दिल्ली कूच के लिए निकले लेकिन उन्हें शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस की ओर से रोक दिया गया। इस बीच मंगलवार दोपहर बाद किसान आंदोलन को लेकर बड़ी खबर सामने आई है।

चंडीगढ़/एजेंसी। भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के विरोध में पंजाब से हजारों किसान मंगलवार सुबह दिल्ली कूच के लिए निकले, लेकिन उन्हें शंभू, कुंडली और खनौरी बॉर्डर पर पुलिस ने रोक दिया। इस बीच किसान आंदोलन को लेकर दोपहर बाद अहम घटनाक्रम सामने आया, जिसमें किसानों को केंद्र सरकार के साथ जल्द बातचीत का भरोसा दिया गया है।
किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने बताया कि हरियाणा के कृषि मंत्री ने किसानों का ज्ञापन स्वीकार कर लिया है और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि यह बैठक अगले 8 से 10 दिनों के भीतर आयोजित होने की संभावना है। पंधेर के अनुसार, मुख्यमंत्री से चर्चा के बाद प्रशासन ने किसान नेताओं गुरनाम सिंह चढूनी और बीएम सिंह को रिहा करने पर भी सहमति जताई है। उन्होंने कहा कि नेताओं की रिहाई के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय की जाएगी।
हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने पुष्टि की कि राज्य सरकार को किसान संगठनों की ओर से मांगों का चार्टर प्राप्त हो गया है, जिसे विचार के लिए संबंधित अधिकारियों को भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार एक सप्ताह से 10 दिनों के भीतर किसानों और केंद्र सरकार के बीच बैठक की व्यवस्था करेगी। राणा ने यह भी कहा कि गुरनाम सिंह चढूनी से जुड़े मुद्दे को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के समक्ष उठाया जाएगा और उसका समाधान जल्द निकाला जाएगा।
मंत्री ने उम्मीद जताई कि बातचीत के माध्यम से किसानों के लंबित मुद्दों का समाधान संभव होगा। वहीं किसान संगठनों का कहना है कि उनका आंदोलन मुख्य रूप से भारत-अमेरिका प्रस्तावित ट्रेड डील के खिलाफ है। किसानों का आरोप है कि इस समझौते के लागू होने से सस्ते विदेशी कृषि उत्पाद और बीज भारतीय बाजार में आएंगे, जिससे देश के किसानों, मजदूरों, छोटे व्यापारियों और आम जनता की आय और आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
किसानों ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर संतोषजनक समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। फिलहाल पुलिस और प्रशासन की निगरानी में बॉर्डर क्षेत्रों पर स्थिति नियंत्रित बनी हुई है।




