अमरनाथ गुफा में हिम शिवलिंग का आकार 7 फीट से घटकर रह गया एक फीट,फिर भी श्रद्धालुओं की आस्था बरकरार
अमरनाथ में बनने वाले पवित्र शिवलिंग का आकार एक फीट रह गया है। सोमवार को एक फीट के बाबा बर्फानी की फोटो सामने आई। 57 दिन चलने वाली यात्रा 3 जुलाई से शुरू हुई थी।

श्रीनगर/एजेंसी। पवित्र अमरनाथ गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाले हिम शिवलिंग का आकार तेजी से घटकर अब लगभग एक फीट रह गया है। सोमवार को सामने आई नई तस्वीरों में बाबा बर्फानी पहले की तुलना में काफी छोटे दिखाई दे रहे हैं। इस वर्ष तेजी से पिघलने की खबरों ने श्रद्धालुओं के बीच चिंता बढ़ा दी है।श्रद्धालुओं का कहना है कि हर साल प्राकृतिक रूप से बनने वाला यह हिम शिवलिंग आस्था का प्रमुख केंद्र है और इसकी स्थिति में तेजी से आ रहे बदलाव को लेकर लोग चिंतित हैं। हालांकि शिवलिंग के आकार में आई कमी के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं आई है और बड़ी संख्या में भक्त लगातार दर्शन के लिए गुफा पहुंच रहे हैं।
57 दिनों तक चलने वाली श्री अमरनाथ यात्रा इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई है। यात्रा के शुरुआती तीन दिनों में ही 56 हजार से अधिक श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 18.6 प्रतिशत अधिक है। वर्ष 2025 में पहले तीन दिनों के दौरान 47,972 श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जबकि इस बार यह संख्या तेजी से बढ़ रही है। इस वर्ष यात्रा के लिए लगभग चार लाख श्रद्धालुओं ने पूर्व पंजीकरण कराया है और प्रशासन को उम्मीद है कि यात्रा समाप्त होने तक यह आंकड़ा पिछले सभी रिकॉर्ड पार कर सकता है। यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के दिन होगा।
हिम शिवलिंग के आकार में आई कमी ने श्रद्धालुओं का ध्यान जरूर आकर्षित किया है। 23 मई को सीमा सुरक्षा बल (BSF) द्वारा जारी तस्वीरों में शिवलिंग की ऊंचाई करीब सात फीट थी। इसके बाद 29 जून को प्रथम पूजा के अवसर पर यह पांच फीट से अधिक ऊंचा था, लेकिन 6 जुलाई को जारी तस्वीरों में इसका अधिकांश हिस्सा पिघल चुका है और अब इसका आकार लगभग एक फीट रह गया है।
अमरनाथ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए बालटाल मार्ग पर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की ‘मे आई हेल्प यू’ पहल अहम भूमिका निभा रही है। इस पहल के तहत तैनात महिला कर्मी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन, आवश्यक जानकारी, सुरक्षा सहायता, ठहरने की व्यवस्था, भाषा संबंधी सहयोग, संचार सुविधा और आपातकालीन चिकित्सा सहायता उपलब्ध करा रही हैं।
प्रशासन द्वारा यात्रा को सुरक्षित और सुचारु रूप से संचालित करने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं, जिससे कठिन परिस्थितियों के बावजूद श्रद्धालु निर्बाध रूप से दर्शन कर सकें।




