छत्तीसगढ़ में यूट्यूबर्स पर शिकंजा: महिला से ब्लैकमेलिंग कर लाखों की उगाही का आरोप, दुर्ग में एक और एफआईआर दर्ज
दुर्ग जिले में दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ एक महिला से ब्लैकमेलिंग और उगाही के आरोप में नई एफआईआर दर्ज हुई है। आरोप है कि उन्होंने महिला का वीडियो बनाकर वायरल करने की धमकी दी और पैसे वसूले, फिर भी लगातार और रकम मांगते रहे। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने कई वीडियो वायरल कर उसकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

दुर्ग/छत्तीसगढ़। दुर्ग जिले में ब्लैकमेलिंग और उगाही के गंभीर आरोपों में घिरे दो यूट्यूबर्स सागर साहू और पुष्पराज सिंह के खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज की गई है। पुरानी भिलाई थाना पुलिस ने एक महिला की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 308(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।
पुलिस के अनुसार, उमदा निवासी नेहा मिश्रा ने 25 जून को थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में उन्होंने बताया कि वह पिछले पांच वर्षों से अपने गांव में ग्राहक सेवा केंद्र संचालित कर रही हैं। महिला का आरोप है कि कुछ समय पहले दोनों आरोपी उनके केंद्र पर आधार कार्ड की फोटोकॉपी कराने के बहाने पहुंचे और बातचीत के दौरान गुप्त रूप से वीडियो रिकॉर्ड कर लिया।
आरोप है कि आरोपियों ने इस वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर 3 जून को 50 हजार रुपये की मांग की। सामाजिक बदनामी के डर से महिला ने अपनी जमा पूंजी में से 35 हजार रुपये आरोपियों को दे दिए, जिसके बाद वीडियो हटा दिया गया। हालांकि, इसके बाद भी आरोपियों का दबाव खत्म नहीं हुआ और उन्होंने महिला से दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग शुरू कर दी।
शिकायत के मुताबिक, पैसे न देने पर आरोपियों ने महिला को बदनाम करने और नए वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इसके बाद तीन से अधिक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित किए गए, जिससे महिला की सामाजिक प्रतिष्ठा को गंभीर क्षति पहुंची। पीड़िता ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम के बाद वह मानसिक रूप से अत्यधिक दबाव में हैं और अपने कार्यस्थल पर जाने में भी असहज महसूस कर रही हैं।
महिला ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि डिजिटल साक्ष्यों, वीडियो सामग्री और पैसों के लेनदेन की बारीकी से जांच की जा रही है।
यह मामला पहले से चर्चित एक अन्य विवाद से भी जुड़ा हुआ है, जिसमें दोनों यूट्यूबर्स पर पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से संबंधित कथित इंस्टाग्राम चैट को फर्जी तरीके से वायरल करने के आरोप लगे थे। उस मामले में भी उनके खिलाफ पहले ही एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। वायरल स्क्रीनशॉट को लेकर राजनीतिक हलकों में भी काफी विवाद हुआ था, जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने थाने का घेराव कर कार्रवाई की मांग की थी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भी उक्त चैट को फर्जी बताते हुए कानूनी कार्रवाई की बात कही थी। अब ब्लैकमेलिंग और उगाही के इस नए मामले के सामने आने के बाद दोनों यूट्यूबर्स एक बार फिर कानूनी घेरे में आ गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक साक्ष्य मिलने पर आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जा सकती है।




