कोलकाता में निर्माणाधीन गोदाम ढहा, पांच की मौत; सभी निर्माण कार्यों पर अस्थायी रोक
कोलकाता में निर्माणधीन गाेदाम के ढहने की घटना पर सीएम शुभेंदु अधिकारी ने बड़ा एक्शन लिया है। अधिकारी के आदेश के बाद कोलकाता में निगम ने पब्लिक नोटिस के जरिए सभी निर्माण पर रोक लगा दी है। सरकार सभी बिल्डिंग प्लान मंजूरी की जांच करेगी। हादसे में पांच लोगों की मौत हुई। यह आंकड़ा और बढ़ा सकता है। मरने वालों में ज्यादा बिहार के हैं।

कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के तारातला क्षेत्र में निर्माणाधीन गोदाम का शेड गिरने से बड़ा हादसा हो गया, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि करीब 20 लोग घायल हो गए। राहत एवं बचाव कार्य जारी रहने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
यह हादसा ट्रांसपोर्ट डिपो रोड पर उस समय हुआ, जब निर्माणाधीन गोदाम में कंक्रीट ढलाई का काम चल रहा था। शेड के अचानक ढह जाने से वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। सूचना मिलते ही एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर ब्रिगेड और सिविल डिफेंस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव अभियान शुरू किया गया। राहत कार्य में भारतीय सेना को भी शामिल किया गया है।
रेस्क्यू टीमों ने अब तक 21 मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, जबकि मलबे के नीचे अभी भी 40 से 50 मजदूरों के फंसे होने की आशंका है। घायलों को तत्काल इलाज के लिए कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों और प्रभावितों में अधिकांश मजदूर बिहार के बताए जा रहे हैं।
घटना के बाद राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने इस हादसे को गंभीरता से लेते हुए पिछली सरकार के दौरान दी गई बिल्डिंग निर्माण की सभी अनुमतियों की जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए पुलिस, लोक निर्माण विभाग (PWD), सिविल डिफेंस, फायर विभाग और कोलकाता नगर निगम (KMC) की संयुक्त टीम गठित की गई है।
सरकार ने 31 जुलाई तक सभी निर्माण कार्यों को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। इस संबंध में कोलकाता नगर निगम द्वारा सार्वजनिक नोटिस भी जारी किया गया है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि इस इमारत का नक्शा 17 जनवरी 2026 को पास किया गया था, जो प्रथम दृष्टया दोषपूर्ण प्रतीत हो रहा है। हावड़ा और बिधाननगर क्षेत्रों में भी निर्माण अनुमतियों की जांच जल्द शुरू की जाएगी।
मुख्यमंत्री ने मुआवजे के संबंध में फिलहाल कोई घोषणा नहीं की है और कहा है कि विधानसभा सत्र के दौरान स्पीकर की अनुमति से इस विषय पर विस्तृत बयान दिया जाएगा। पश्चिम बंगाल सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने पीड़ितों के परिजनों के लिए आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर जारी किए हैं, जिनमें 8697981070, 033-22143526 और 033-22535185 शामिल हैं।
विपक्ष ने भी इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। फिलहाल प्रशासन राहत एवं बचाव कार्य में जुटा हुआ है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।




