आस्था के नाम पर धोखा!,वैष्णो देवी धाम में महाघोटाला: 20 टन चढ़ावे में 94 फीसदी चांदी निकली नकली, 520 करोड़ की चपत

श्राइन बोर्ड द्वारा सरकारी टकसाल में गलाने के लिए भेजे गए लगभग 20 टन चांदी के आभूषणों में से मात्र 5 से 6 प्रतिशत ही शुद्ध चांदी प्राप्त हुई।
कटड़ा/जम्मू। वैष्णो देवी धाम पर चढ़ाया जा रहे चांदी के आभूषण नकली पाए गए हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार श्राइन बोर्ड द्वारा सरकारी टकसाल में गलाने के लिए भेजे गए लगभग 20 टन चांदी के आभूषणों में से मात्र 5 से 6 प्रतिशत ही शुद्ध चांदी प्राप्त हुई।
बताया गया कि जिन आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 550 करोड़ रुपये आंकी गई थी, उनमें से लगभग 30 करोड़ रुपये मूल्य की ही वास्तविक चांदी निकली। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में कैडमियम जैसी धातु पाए जाने की बात सामने आई, जिसने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।
कटड़ा में स्वर्णकार एसोसिएशन कटड़ा एवं जम्मू प्रांत द्वारा माता वैष्णो देवी मंदिर में चढ़ाए जा रहे कथित नकली चांदी के सामान को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई। प्रेस वार्ता में एसोसिएशन पदाधिकारियों ने श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर चिंता व्यक्त करते हुए प्रशासन से बाजार में सख्त जांच अभियान चलाने की मांग की।
प्रेस वार्ता के साथ जारी संगठनात्मक बैठक के दस्तावेज़ के अनुसार यह एक औपचारिक बैठक थी, जिसमें जम्मू प्रांत और कटड़ा इकाई के कई वरिष्ठ पदाधिकारी एवं सदस्य शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता स्वर्णकार एसोसिएशन कटड़ा के प्रधान सुदर्शन कुमार कोहली ने की। इस दौरान विनय लूथरा (सचिव, जम्मू प्रांत), अशुतोष कपूर, अजय वर्मा, अमित हीरा, रमन वर्मा, सोहित सहित अनेक सदस्य उपस्थित रहे। बैठक दस्तावेज़ पर कुल 17 सदस्यों के हस्ताक्षर और संपर्क विवरण दर्ज किए गए, जो इस मुद्दे पर संगठन की एकजुटता को दर्शाते हैं।
एसोसिएशन पदाधिकारियों ने बताया कि हाल के दिनों में मंदिर में चढ़ाए जा रहे चांदी के आभूषणों और धार्मिक सामग्री में नकली धातु मिलने के मामले सामने आए हैं। उनका कहना था कि कुछ गैर-पंजीकृत विक्रेता श्रद्धालुओं को कम कीमत का लालच देकर नकली चांदी के उत्पाद बेच रहे हैं, जिससे न केवल श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो रही हैं बल्कि स्थानीय पंजीकृत स्वर्णकारों की साख भी प्रभावित हो रही है।
उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील करते हुए कहा कि माता के दरबार में चढ़ावा चढ़ाने से पहले सामान की शुद्धता अवश्य सुनिश्चित करें तथा केवल अधिकृत और प्रमाणित दुकानदारों से ही खरीदारी करें। एसोसिएशन ने प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों से संयुक्त रूप से बाजार में निरीक्षण अभियान चलाने और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग भी उठाई।
स्वर्णकार एसोसिएशन के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि यह स्थिति सही है तो यह न केवल आर्थिक बल्कि धार्मिक आस्था से जुड़ा अत्यंत संवेदनशील विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी सदस्य श्रद्धालुओं के हितों की रक्षा और बाजार में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए एकजुट हैं। एसोसिएशन ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी संस्था पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं को जागरूक करना और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकना है। पदाधिकारियों ने प्रशासन से अपील की कि पंजीकरण व्यवस्था को सख्ती से लागू किया जाए और मंदिर क्षेत्र में बिकने वाले धार्मिक चढ़ावे की गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए।




