पुलिस मुठभेड़ मारा गया 25 हजार का ईनामी सतपाल उर्फ सत्तू, चार राज्यों मे था खौफ! नाबालिग लड़कियों को बनाता था टारगेट

फरवरी 2026 में लुधियाना के सिविल अस्पताल से पुलिस कस्टडी से फरार हुआ आरोपी मुजफ्फरनगर में मुठभेड़ में मारा गया। मारा गया आरोपी नाबालिग लड़कियों का अपहरण करके उसके साथ दुष्कर्म करता था।

मुजफ्फरनगर/उत्तर प्रदेश। मुजफ्फरनगर में पुलिस और एसओजी टीम के साथ हुई मुठभेड़ में चार राज्यों में वांछित, 25 हजार रुपये के इनामी कुख्यात अपराधी सतपाल उर्फ सत्तू की उपचार के दौरान मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाबालिग लड़कियों के अपहरण, दुष्कर्म और गैंगरेप जैसे गंभीर अपराधों में संलिप्त था।
सोमवार देर रात रुड़की रोड पर वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी किसी बड़ी वारदात की फिराक में है। इसी दौरान एक कार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन चालक ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से सब-इंस्पेक्टर अजय गौड़ और सिपाही अंकित घायल हो गए। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में सतपाल के दोनों पैरों में गोली लगी, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।
मुठभेड़ के बाद पुलिस ने कार से एक अपहृत नाबालिग लड़की को सकुशल बरामद किया। मौके से एक पिस्टल, एक तमंचा, भारी मात्रा में कारतूस, युवती के आभूषण, फर्जी आधार कार्ड, मोबाइल फोन और वाहन बरामद किया गया। घायल आरोपी को पहले जिला अस्पताल और बाद में हायर सेंटर रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मृत्यु हो गई।
घटना की शुरुआत 19 जून को हुई थी, जब तितावी क्षेत्र के एक व्यक्ति ने सिविल लाइंस थाने में अपनी नाबालिग बेटी के अपहरण की शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में पुलिस की 10 टीमें गठित की गईं। पुलिस ने करीब एक हजार सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई।
जांच में सामने आया कि सतपाल बेहद शातिर तरीके से गरीब और नाबालिग लड़कियों को निशाना बनाता था। वह स्वयं को फौजी, सरकारी कर्मचारी या प्रभावशाली व्यक्ति बताकर परिवारों का विश्वास जीतता और नौकरी दिलाने का झांसा देकर लड़कियों को अपने साथ ले जाता था। इसके बाद वह सुनसान स्थानों या होटलों में ले जाकर उनके साथ दुष्कर्म करता था।
पुलिस के अनुसार, सतपाल उर्फ सत्तू का आपराधिक इतिहास दो दशकों से अधिक पुराना है। उसके खिलाफ चंडीगढ़, हरियाणा, मेरठ, मुजफ्फरनगर और सहारनपुर सहित विभिन्न स्थानों पर धोखाधड़ी, लूट, रंगदारी, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने, पुलिस हिरासत से फरार होने और गैंगस्टर एक्ट सहित कई गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
हाल के वर्षों में भी उसके खिलाफ नए आपराधिक कानून (BNS) की विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज किए गए थे। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक संगठित अपराधी था, जो लगातार अपनी पहचान बदलकर वारदातों को अंजाम देता था। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच की जा रही है।

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