ग्रेटर नोएडा में 130 मीटर रोड पर रेलवे ओवरब्रिज शुरू, यात्रियों को जाम से राहत
ग्रेटर नोएडा के 130 मीटर रोड पर तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर तक 1600 मीटर लंबा चार लेन का रेलवे ओवरब्रिज वाहनों के लिए खोल दिया गया है। इससे नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेनो वेस्ट और गाजियाबाद के यात्रियों को राहत मिलेगी।

ग्रेटर नोएडा। 130 मीटर रोड से सफर करने वाले नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद के यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। तिलपता गोलचक्कर से मकौड़ा गोलचक्कर के बीच पैरामाउंट गोल्फ फॉरेस्टे के पास निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (आरओबी) को मंगलवार से वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है।
करीब 1600 मीटर लंबे इस चार लेन के ओवरब्रिज का निर्माण डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआईएल) द्वारा कराया गया है। इस आरओबी के नीचे से डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की रेलवे लाइन गुजरती है।
ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण लंबे समय से इस परियोजना को जल्द पूरा कराने के लिए डीएफसीसीआईएल पर दबाव बना रहा था। 130 मीटर रोड पर वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण अंडरपास में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती थी, जो बरसात के दौरान और गंभीर हो जाती थी।
अब ओवरब्रिज के शुरू होने से इस समस्या से काफी हद तक निजात मिल गई है। इससे ग्रेटर नोएडा से ग्रेटर नोएडा वेस्ट, नोएडा, दिल्ली और गाजियाबाद के बीच आवागमन करने वाले लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही नोएडा एयरपोर्ट आने-जाने वाले यात्रियों के लिए भी सफर आसान होगा।
यातायात व्यवस्था को और सुचारु बनाने के लिए तिलपता गोलचक्कर के दोनों ओर 130 मीटर रोड पर यू-टर्न बनाने की योजना है, जिसके लिए टेंडर जारी कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार यह कार्य तीन से चार माह में पूरा कर लिया जाएगा।
प्राधिकरण ने परियोजना विभाग को 130 मीटर रोड को जाम मुक्त बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत सड़क चौड़ीकरण का कार्य भी जारी है। चौराहों पर ट्रैफिक दबाव कम करने के लिए यू-टर्न निर्माण और सड़क विस्तार की योजना पर तेजी से काम किया जा रहा है।
वर्क सर्किल-7 को निर्माण कार्य की जिम्मेदारी सौंपी गई है और एक माह के भीतर टेंडर प्रक्रिया पूरी कर काम शुरू करने की तैयारी है।





