एमपी के झाबुआ में कुएं में मिले देवर-भाभी के शव, दो दिन से थे लापता; गांव में फैली सनसनी
झाबुआ जिले के करवड़ चौकी क्षेत्र में एक कुएं से देवर-भाभी के शव मिले, जो दो दिनों से लापता थे। पुलिस प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या मान रही है। प्रेम प्रसंग सहित अन्य एंगल से जांच कर रही है।

झाबुआ/मध्य प्रदेश। झाबुआ जिले के करवड़ चौकी क्षेत्र में मंगलवार सुबह एक कुएं से देवर-भाभी के शव बरामद होने से इलाके में सनसनी फैल गई। दोनों पिछले दो दिनों से लापता थे। घटना के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस प्रारंभिक तौर पर मामले को आत्महत्या मान रही है। प्रेम प्रसंग के एंगल से भी जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार ग्राम गंगाखेड़ी के समीप खाखरापाड़ा मार्ग स्थित एक कुएं में ग्रामीणों ने दो शव तैरते हुए देखे। सूचना मिलते ही करवड़ चौकी और पेटलावद थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से दोनों शवों को कुएं से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए पेटलावद सिविल अस्पताल भेजा गया। मृतकों की पहचान 35 वर्षीय श्याम प्रजापत (पुत्र कैलाश प्रजापत) और 32 वर्षीय सपना प्रजापत (पत्नी राहुल प्रजापत), निवासी कुमार मोहल्ला करडावद के रूप में हुई है। दोनों रिश्ते में देवर-भाभी थे और दोनों विवाहित थे।
पुलिस जांच में सामने आया है कि सपना प्रजापत की गुमशुदगी की रिपोर्ट 21 जून की रात पेटलावद थाने में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद से पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। वहीं परिजनों के मुताबिक श्याम प्रजापत भी पिछले दो दिनों से घर नहीं लौटा था।
देवर-भाभी के शव एक साथ मिलने की खबर फैलते ही आसपास के गांवों में शोक और हैरानी का माहौल बन गया। पुलिस प्रारंभिक तौर पर मामले को आत्महत्या की दृष्टि से देख रही है, हालांकि प्रेम प्रसंग, दुर्घटना अथवा अन्य संभावित कारणों सहित सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
पेटलावद थाना प्रभारी निर्भय सिंह भूरिया ने बताया कि फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने से पहले किसी भी तरह की अटकलें लगाना उचित नहीं होगा।




