दिल्ली में 1.5 करोड़ की डकैती का खुलासा, 11 दिन में 8 आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली पुलिस ने सराय रोहिल्ला में हुई डेढ़ करोड़ की डकैती के मामले में आठ बदमाशों को गिरफ्तार किया है।

नई दिल्ली। उत्तरी जिला पुलिस ने सराय रोहिल्ला स्थित इंद्रलोक के पास पिस्टल की नोक पर हुई करीब 1.5 करोड़ रुपये की डकैती के मामले का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई को उत्तरी जिला के स्पेशल स्टाफ और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीमों ने अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमों ने लगातार 11 दिनों तक आठ राज्यों में करीब चार हजार किलोमीटर तक पीछा किया और 500 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।
जांच में सामने आया कि पीड़ित का कर्मचारी करन ही इस वारदात का मास्टरमाइंड था। उसने लालच में आकर बदमाशों के साथ मिलकर पूरी साजिश रची। वारदात के दिन वह पीड़ित के साथ मौजूद था और बदमाशों को लगातार लोकेशन की जानकारी देता रहा।
मामले में छह वयस्क आरोपियों के साथ दो किशोरों को भी पकड़ा गया है। पुलिस इन पर संगठित अपराध के तहत सख्त धाराएं लगाने की तैयारी कर रही है। डीसीपी राजा बांठिया ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में विक्की उर्फ गंजा (तिलक नगर) पर पहले से नौ आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह नशे का आदी है। धीर सिंह (चंदर विहार) पर 18 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा वीरेश (तिलक नगर), करन (टैगोर गार्डन), मनप्रीत उर्फ ट्विंकल (तिलक नगर) और चरणजीत सिंह (तिलक नगर) को भी गिरफ्तार किया गया है।
वारदात में शामिल दो किशोरों ने बदमाशों को बाइक और स्कूटी उपलब्ध कराई थी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर करीब 1 करोड़ 1 लाख 50 हजार रुपये नकद, वारदात में प्रयुक्त बाइक और स्कूटी तथा लूट की रकम से खरीदे गए मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
गौरतलब है कि 10 जून को व्यापारी नितिन अपने सहयोगी करन के साथ स्कूटर पर दो बैगों में करीब 1.50 करोड़ रुपये लेकर जा रहे थे। जखीरा फ्लाईओवर के पास बिना नंबर प्लेट की बाइक पर सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने उन्हें रोककर पिस्टल की नोक पर नकदी लूट ली थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी राजा बांठिया और डीसीपी (क्राइम) हर्ष इंदौरा के नेतृत्व में कई टीमों ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पता चला कि आरोपी पश्चिम विहार से ही पीड़ित का पीछा कर रहे थे और वारदात में बाइक के अलावा स्कूटी और कार का भी इस्तेमाल किया गया था।
जांच के दौरान स्कूटी का नंबर एक नाबालिग के नाम पर मिला, जिसके आधार पर 19 जून को दो किशोरों को पकड़ा गया। उनकी निशानदेही पर वीरेश को 20 जून को गीता कॉलोनी फ्लाईओवर से गिरफ्तार किया गया। इसके बाद मनप्रीत और करन को दबोचा गया, जबकि 21 जून को चरणजीत सिंह को विकासपुरी फ्लाईओवर के पास से गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 49.50 लाख रुपये बरामद हुए।
मुख्य आरोपी विक्की और धीर सिंह वारदात के बाद कार से फरार होकर राजस्थान, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हरियाणा, पंजाब होते हुए जम्मू तक पहुंच गए। हालांकि, पुलिस ने 22 जून को दोनों को दिल्ली में ही गिरफ्तार कर लिया और उनके पास से 52 लाख रुपये बरामद किए। संयुक्त आयुक्त (मध्य रेंज) मधुर वर्मा ने कहा कि अपराधी गिरफ्तारी से बचने के लिए कई राज्यों में भागते रहे, लेकिन पुलिस ने लगातार उनका पीछा कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि अपराधी कहीं भी छिप जाएं, कानून की पकड़ से बच नहीं सकते।




