आदिवासी छात्रों के लिए आगे आए सामाजिक संगठन, 115 बच्चों को वितरित किए स्कूल बैग और शैक्षणिक सामग्री
मुंबई के शारदा प्रतिष्ठान और ग्रेस हार्वेस्ट मिनिस्ट्री के माध्यम से राजोडी विरार में आदिवासी छात्रों को स्कूल बैग और स्कूल की सामग्री का वितरण किया गया।

कांती जाधव/मुंबई ब्यूरो। शिक्षा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद बच्चों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए मुंबई के शारदा प्रतिष्ठान और ग्रेस हार्वेस्ट मिनिस्ट्री ने पालघर जिले के विरार पश्चिम स्थित राजोडी क्षेत्र में आदिवासी छात्रों को स्कूल बैग और शैक्षणिक सामग्री वितरित की। रविवार को आयोजित इस कार्यक्रम में 115 जरूरतमंद स्कूली छात्रों को बैग, किताबें और अन्य आवश्यक शैक्षणिक सामग्री प्रदान की गई।
यह कार्यक्रम राजोडी सतपाला, नालासोपारा-विरार क्षेत्र में आयोजित किया गया, जहां बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार और कृषि श्रमिक रहते हैं। इन परिवारों के बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और उनकी पढ़ाई में आने वाली बुनियादी कठिनाइयों को कम करने के उद्देश्य से यह वितरण किया गया। आयोजकों ने बताया कि कई बच्चों के पास स्कूल जाने के लिए जरूरी सामग्री तक उपलब्ध नहीं थी, जिसे ध्यान में रखते हुए यह पहल की गई।
कार्यक्रम में आदिवासी एकता परिषद के विजयभाई बोडके, डॉ. सचिन खरात, श्री सूर्यनारायण, परिपूर्ण राष्ट्रीय समाचार पत्र के महाराष्ट्र प्रमुख कांती जाधव और मनीष सावंत सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इसके अलावा दोनों संस्थाओं के सदस्य, छात्र और उनके अभिभावक भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में शामिल हुए।
आयोजकों ने कहा कि शिक्षा ही समाज के विकास का सबसे मजबूत आधार है और विशेष रूप से आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को संसाधनों की कमी के कारण पढ़ाई से वंचित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रमों को जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद बच्चों तक सहायता पहुंचाई जा सके।
स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि इससे बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह बढ़ेगा और उन्हें बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।





