गाजियाबाद में अंतर्राज्यीय बाल तस्करी गिरोह का पर्दाफाश, 6 महिलाएं समेत 12 गिरफ्तार, 11 दिन की नवजात बरामद
गाजियाबाद पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक गैंग की छह महिलाओं समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है।

गाजियाबाद। गाजियाबाद की कमिश्नरेट पुलिस ने नवजात बच्चों की तस्करी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। स्वाट टीम ग्रामीण जोन और ट्रोनिका सिटी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए गैंग की छह महिलाओं समेत 12 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से 11 दिन की अपहृत बच्ची को भी बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बच्चों की तस्करी में इस्तेमाल होने वाली तीन कारें और दो लाख 90 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।
एसीपी अंकुर विहार/लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि बीती 26 मई को हिना नाम की महिला ने ट्रोनिका सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। हिना ने बताया कि पूजा नाम की महिला ने उसकी नवजात बेटी को बिना बताए घर से ले जाकर मनोज उर्फ मोनू को दे दिया है। शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर बच्ची की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर दी थीं।
एसीपी ने बताया कि दो जून को पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर ट्रोनिका सिटी क्षेत्र से गैंग की छह महिला सदस्यों समेत 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार लोगों में सुनील कुमार, संजय, राजेन्द्र सिंह, पवन कुमार, मनोज उर्फ मोनू, राबिया, विनीत कुमार, कृष्णा देवी, फरमीना, ज्योति, पूजा और कुमकुम शामिल हैं। ये आरोपी राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और गाजियाबाद के रहने वाले हैं। पुलिस ने मौके से बच्ची को भी सकुशल बरामद कर लिया।
पूछताछ में राबिया ने बताया कि उसने अपनी जेठानी हिना को दो लाख रुपये का लालच देकर बच्चा देने के लिए राजी किया था। 23 मई को हिना को बेटी हुई, लेकिन बाद में उसने बच्ची देने से मना कर दिया। इस पर गैंग के सरगना मोनू उर्फ मनोज के कहने पर वो बच्ची को चुपचाप घर से उठा ले गई। गैंग बच्ची को आंध्र प्रदेश के राजू और दीप्ति को बेचने वाला था। आरोपी नकली नोट देकर बच्चों को खरीदते थे। बरामद दो लाख 90 हजार रुपये के नोट नकली हैं।
एसीपी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि मुख्य आरोपी मनोज उर्फ मोनू के खिलाफ उदयपुर, राजस्थान में मानव तस्करी के दो केस दर्ज हैं। सुनील कुमार पर हिसार, हरियाणा में मारपीट और अवैध शराब के तीन केस हैं। गैंग के पांच सदस्य तरन्नुम, आरती, नदीम, राजू और दीप्ति अभी फरार हैं। यह गिरोह दिल्ली-एनसीआर से नवजात बच्चों को उठाकर आंध्र प्रदेश में बेचता था। पूछताछ में आरोपियों ने एक दर्जन से ज्यादा बच्चों की तस्करी की बात कबूली है। फरार आरोपियों की तलाश जारी है।




