हरियाणा में गंदे गानों और रील्स पर लगाम कसेगी महिला आयोग

सीएम को लिखा पत्र, स्पेशल डिपार्टमेंट बनाने की अपील

महिला आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर एक विशेष महकमा बनाने या एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है। इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रील्स और गानों पर नजर रखना है।

हिसार/हरियाणा। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेणु भाटिया ने समाज में बढ़ती अश्लीलता और महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक सामग्री पर कड़ा रुख अपनाया है। हिसार के कबीर छात्रावास में नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि अब केवल माफी मांगने से काम नहीं चलेगा, बल्कि गलत काम करने वालों के खिलाफ ठोस कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रेणु भाटिया ने सिंगर बादशाह प्रकरण का उदाहरण देते हुए कहा कि अक्सर देखा जाता है कि लोग महिलाओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी करते हैं या आपत्तिजनक गाने गाते हैं और फिर माफी मांगकर बच निकलते हैं।
उन्होंने जोर देकर कहा कि हम प्रयास करेंगे कि यह बार-बार माफी मांगने वाला सिस्टम खत्म हो। जो गलती करे, उसके खिलाफ सख्त एक्शन होना चाहिए। इसको लेकर महिला आयोग ने हरियाणा के मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर एक विशेष महकमा बनाने या एक नोडल अधिकारी नियुक्त करने का अनुरोध किया है। इस कदम का उद्देश्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, रील्स और गानों पर नजर रखना है।
अध्यक्ष रेणु भाटिया ने बताया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर ऐसे कई गाने और रील्स वायरल होते हैं जो न केवल महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं, बल्कि समाज को भी भारी हानि पहुंचाते हैं। उन्होंने कहा कि हमें एक ऐसे तंत्र की आवश्यकता है जिससे जैसे ही कोई समाज को हानि पहुंचाने वाला कंटेंट सामने आए, हम उस पर तुरंत संज्ञान लेकर एक्शन ले सकें। रेणु भाटिया का मानना है कि इस तरह के विभाग के गठन से हरियाणा में मनोरंजन के नाम पर परोसी जा रही अश्लीलता और भ्रामक जानकारी पर नकेल कसी जा सकेगी।
महिला आयोग की चेयरपर्सन ने कहा कि पानीपत के एक गांव में उन्होंने सर्वे करवाया है। इसमें सर्वे में बच्चों ने अच्छे और बुरे अनुभव बताए हैं। भाटिया ने बताया कि बच्चों ने बताया कि गांव के कौने में बैठकर बूढ़े-बुजुर्ग जुआ खेलते हैं। गांव के बूड़े बुजुर्ग और पिता शराब पीने ठेकों पर जाते हैं तो बच्चों को बताने की जरूरत नहीं। बच्चों ने जो देखा वो कर रहे हैं। इसलिए कहते हैं कि संगत का असर होता है। इसलिए परिवार में बच्चों को जो शिक्षा देंगे वो सामने आएगी। परिवारों को चाहिए कि बच्चों को अपनी जड़ों से जोड़कर रखें।

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