पलवल में ईंटों के नीचे छिपाकर बिहार ले जाई जा रही 610 पेटी अंग्रेजी शराब पकड़ी, दो तस्कर गिरफ्तार

पलवल में एंटी नारकोटिक्स सेल ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर एक ट्रक से 610 पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। तस्करों ने शराब को ईंटों के नीचे छिपा रखा था। यह खेप सोनीपत से बिहार के गोरखपुर ले जाई जा रही थी, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये है।

पलवल। एंटी नारकोटिक्स सेल ने अवैध शराब तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-19 पर नाकाबंदी कर एक ट्रक से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब बरामद की है। तस्करों ने पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक में ऊपर सफेद ईंटें भरी हुई थीं, जिनके नीचे शराब की पेटियां छिपाई गई थीं।
यह खेप सोनीपत से शराबबंदी वाले राज्य बिहार के गोरखपुर भेजी जा रही थी। बरामद शराब की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये है। सोमवार शाम को एएनसी स्टाफ दीघौट के उप-निरीक्षक हनीश खान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि केएमपी रोड से होता हुआ एक ट्रक दिल्ली-आगरा रोड पर उतरा है, जिसमें ईंटों के नीचे शराब छिपाकर बिहार ले जाई जा रही है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने कुसलीपुर फ्लाईओवर से ट्रक का पीछा करना शुरू किया।पुलिस ने ट्रक को एमवीएन यूनिवर्सिटी के सामने ओवरटेक कर रुकवाया। ट्रक में सवार दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया, जिनकी पहचान चालक राजीव साहनी और परिचालक शेखर कुमार के रूप में हुई। दोनों बिहार के मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं।
जब पुलिस ने ट्रक की तलाशी ली, तो ऊपर फ्लाई ऐश ब्रिक्स रखी हुई थीं। ईंटें हटाने पर नीचे शराब की पेटियां मिलीं। गिनती करने पर कुल 610 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। आरोपितों ने ट्रक में शराब के लिए मानवी फ्रेट कार्गो सर्विसेज के नाम से फर्जी बिल तैयार कर रखा था। जांच के दौरान जीएसटी पोर्टल पर दिया गया फर्म का नाम फर्जी पाया गया।
आबकारी विभाग की जांच में सामने आया कि बरामद शराब की कुछ पेटियां सोनीपत की पंकज कुमार एंड कंपनी और कुछ गुरुग्राम की जी-टाउन फर्म के नाम पर रिकार्ड में दर्ज थीं। यह पूरी खेप करनाल में वर्ष 2026 में निर्मित की गई थी।
पूछताछ में आरोपितों ने कबूल किया कि वे इस शराब को सोनीपत से लोड कर बिहार ले जा रहे थे। थाना मुंडकटी पुलिस ने आरोपितों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब शराब मालिकों और इस तस्करी के मुख्य नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।

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