कानपुर में मुफ्त में आइसक्रीम-गोलगप्पे खाने वाला सिपाही निलंबित, पैसे मांगने पर करता था गाली-गलौच
कानपुर में पीआरवी में तैनात सिपाही मुफ्त में गोलगप्पे और आइसक्रीम खाते थे। दुकानदार जब उनसे पैसों की मांग करते थे तो वर्दी का रौब गांठते हुए उनके साथ मारपीट और गाली-गलौच करते थे।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। यूपी के कानपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। डायल-112 में तैनात सिपाही कभी गोलगप्पे वाले ठेले से पानी पूरी खाता तो कभी आइसक्रीम के ठेले से आइसक्रीम लेकर खाता था। जब दुकानदार उससे पैसे मांगते थे तो वर्दी का रौब गांठते हुए सिपाही अपने एक साथी के साथ मिलकर मारपीट और गाली गलौच करता था। व्यापार मंडल ने इसकी शिकायत आलाधिकारियों से की थी।
प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने के बाद सिपाही को निलंबित कर दिया गया। इस मामले की विस्तृत जांच एसीपी घाटमपुर को सौंपी गई है। उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष आशीष पांडेय ने बताया कि कानपुर रोड पर उनका मेडिकल स्टोर है। उनकी दुकान के सामने रामकरण गोलगप्पे का ठेला लगाते हैं। वहीं, दिव्यांग उदयराम आइसक्रीम का ठेला लगाते हैं।
आरोप है कि डायल-112 से आने वाले दो पुलिसकर्मी मुफ्त में गोलगप्पे और आइसक्रीम खाते हैं। उन्होंने जब विरोध किया तो दोनों पुलिसकर्मी खुन्नस मानने लगे। बीते गुरुवार देर शाम दोनों ठेला वालों के साथ गाली-गलौच और मारपीट की। व्यापार मंडल के अध्यक्ष महेश वर्मा ने दोनों पुलिसकर्मियों की शिकायत की थी। उनकी इस करतूत से पूरी मार्केट के लोग परेशान थे।
सहायक पुलिस आयुक्त कलेक्टर गंज आनंद कुमार ओझा के मुताबिक प्राथमिक जांच में दोषी पाए जाने वाले मुख्य आरक्षी सुरेश कुमार को पुलिस उपायुक्त मुख्यालय द्वारा निलंबित कर दिया गया है। आगे की जांच एसीपी घाटमपुर को कृष्णकांत यादव को सौंपी गई है।




