प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (जनमन) में गुणवत्ता पर सवाल, खड़गवां में बन रहीं सड़कों पर उठे गंभीर प्रश्न
निर्माणाधीन और पूर्ण सड़कों में मानकों की अनदेखी, जिम्मेदारों की चुप्पी से ग्रामीणों में नाराजगी

शोभित शर्मा,खड़गवां/छत्तीसगढ़। खड़गवां विकासखंड में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (जनमन) के तहत बन रही और हाल ही में निर्मित सड़कों की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि निर्माण कार्यों में निर्धारित मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा, जिससे सड़कों की मजबूती और टिकाऊपन पर संदेह उत्पन्न हो रहा है।
जानकारी के अनुसार कई स्थानों पर सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। डामर की परत अपेक्षित मोटाई से कम डाली जा रही है, वहीं बेस लेयर में भी गुणवत्ता की कमी साफ नजर आ रही है। कुछ जगहों पर तो सड़क निर्माण के कुछ ही समय बाद गड्ढे और दरारें दिखने लगी हैं, जो निर्माण की गुणवत्ता पर सीधा सवाल खड़ा करती हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ठेकेदार और संबंधित विभागीय अधिकारी मिलकर मनमाने ढंग से काम करा रहे हैं। निर्माण स्थल पर न तो तकनीकी निरीक्षण सही ढंग से हो रहा है और न ही गुणवत्ता जांच के मानकों का पालन किया जा रहा है। कई जगहों पर कार्य बिना उचित सुपरविजन के ही पूरा कर लिया गया है।
सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि जिन सड़कों का उद्देश्य ग्रामीणों को बेहतर आवागमन सुविधा देना है, वही सड़कें शुरू से ही कमजोर साबित हो रही हैं। इससे भविष्य में दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इन निर्माण कार्यों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदारों व अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, जिन सड़कों में खामियां हैं, उन्हें तत्काल सुधारने की दिशा में कदम उठाए जाएं।
सवाल:
👉 क्या कागजों में ही हो रहा है गुणवत्तापूर्ण निर्माण?
👉 क्या जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर अनदेखी कर रहे हैं?
👉 आखिर जनता के पैसे से बन रही सड़कों में कब तक होता रहेगा समझौता?
अगर समय रहते इस ओर ध्यान नहीं दिया गया, तो यह योजना भी भ्रष्टाचार और लापरवाही की भेंट चढ़ सकती है।




