पुलिस में फर्जी भर्ती का 15 साल बाद खुलासा: पूर्व कांस्टेबल बना ‘अघोरी बाबा’, पुलिस की गिरफ्त से बाहर
राजस्थान में आरएसी कांस्टेबल भर्ती 2010-11 में अपनी जगह डमी कैंडिडेट बैठाकर खाकी पहनने वाले श्रीराम मीणा का राज 15 साल बाद खुल गया है। पोल खुलने के डर से नौकरी छोड़ भीलवाड़ा में 'अघोरी बाबा' का चोला ओढ़ने वाले इस फर्जी सिपाही के खिलाफ एसओजी जांच के बाद एफआईआर दर्ज हुई है।

भीलवाड़ा/राजस्थान। राजस्थान पुलिस में करीब डेढ़ दशक पहले हुई एक भर्ती घोटाले का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। फर्जी तरीके से भर्ती होकर वर्षों तक नौकरी करने वाला एक पूर्व आरएसी कांस्टेबल अब ‘अघोरी बाबा’ के रूप में सामने आया है। पुलिस ने मामले का खुलासा होने के बाद आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
यह मामला वर्ष 2010-11 में हुई आरएसी कांस्टेबल भर्ती परीक्षा से जुड़ा है। आरोप है कि श्रीराम मीणा नामक अभ्यर्थी ने खुद परीक्षा देने के बजाय अपनी जगह एक डमी कैंडिडेट को बैठाया था। इस फर्जीवाड़े के जरिए उसने परीक्षा पास कर ली और टोंक स्थित 9वीं बटालियन आरएसी में कांस्टेबल के पद पर नियुक्ति पा ली। बताया जा रहा है कि वह वर्ष 2024 तक पुलिस विभाग में सेवाएं देता रहा।
नौकरी छोड़ने के बाद श्रीराम मीणा भीलवाड़ा जिले के कांतोली गांव में रहने लगा और ‘श्रीराम अघोरी बाबा’ के नाम से पहचान बनाने लगा। उसने साधु का वेश धारण कर लिया और सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर अपने अनुयायियों के बीच आध्यात्मिक विचार साझा करने लगा। उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर कई प्रभावशाली लोगों, जिनमें कुछ राजनेता और पुलिस अधिकारी भी शामिल बताए जा रहे हैं, के साथ तस्वीरें भी सामने आई हैं।
मामले का खुलासा तब हुआ जब राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशंस ग्रुप (एसओजी) ने एक शिकायत के आधार पर प्रारंभिक जांच शुरू की। जांच में भर्ती प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं सामने आईं और यह पुष्टि हुई कि आरोपी ने डमी कैंडिडेट के माध्यम से परीक्षा पास की थी। एसओजी की रिपोर्ट के आधार पर टोंक स्थित 9वीं बटालियन आरएसी के कमांडेंट राजेश चौधरी ने टोंक कोतवाली थाने में आरोपी के खिलाफ नामजद एफआईआर दर्ज कराई है। टोंक के पुलिस अधीक्षक रोशन मीणा ने बताया कि मामले में सख्त कानूनी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल आरोपी का सटीक ठिकाना स्पष्ट नहीं हो पाया है और उसकी तलाश के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। इस पूरे घटनाक्रम के सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है, वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और दोषी पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।




