उगाही के आरोपों में घिरे टांडा एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा लाइन हाजिर, डीआईजी ने दिए जांच के आदेश

उगाही मामले में सामने आए दावों के बाद पंजाब पुलिस ने टांडा थाना प्रभारी का तबादला कर उन्हें पुलिस लाइन भेज दिया। वरिष्ठ अधिकारी को फैक्ट फाइंडिंग जांच सौंपी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे कार्रवाई होगी।

होशियारपुर/पंजाब। पंजाब पुलिस ने होशियारपुर के टांडा थाना प्रभारी (एसएचओ) इंस्पेक्टर गुरिंदरजीत सिंह नागरा पर लगे उगाही (एक्सटॉर्शन) के गंभीर आरोपों को संज्ञान में लेते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से पुलिस लाइन होशियारपुर स्थानांतरित कर दिया है। यह कार्रवाई हाल में सामने आई कुछ समाचार रिपोर्टों और सोशल मीडिया पर वायरल पोस्टों के आधार पर एहतियातन की गई है।
पंजाब पुलिस की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि आरोपों की सत्यता की फिलहाल पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारी को थाना टांडा से हटाया गया है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले की पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष जांच कराई जाएगी।
रिपोर्टों में दावा किया गया था कि अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई द्वारा कथित रूप से चलाए जा रहे एक ऑपरेशन के दौरान उगाही से जुड़े मामले में इंस्पेक्टर नागरा का नाम सामने आया है। हालांकि पुलिस ने इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं होने की बात कही है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी जालंधर रेंज ने फैक्ट फाइंडिंग जांच के आदेश जारी किए हैं। यह जांच एसपी (जांच) जालंधर देहात को सौंपी गई है, जो एक आईपीएस अधिकारी हैं। जांच अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी आरोपों, उपलब्ध साक्ष्यों और संबंधित दस्तावेजों की गहन जांच कर शीघ्र विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
यह मामला होशियारपुर के टांडा क्षेत्र के गांव मियानी में हुई बलविंदर सिंह की हत्या से जुड़ा बताया जा रहा है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि हत्या के पीछे उनकी बेटी के पूर्व ससुराल पक्ष का हाथ था। जानकारी के अनुसार, बलविंदर सिंह की बेटी का विवाह अमेरिका में हुआ था, जो बाद में तलाक में समाप्त हो गया।
परिवार ने आरोप लगाया है कि हत्या की जांच के दौरान तत्कालीन थाना प्रभारी गुरिंदरजीत सिंह नागरा ने अमेरिका में रह रहे उनके परिजनों से कई बार फोन पर संपर्क किया और कथित रूप से लगभग 3.82 करोड़ रुपये की मांग की। आरोप है कि रकम न देने पर हत्या के मामले में फंसाने की धमकी भी दी गई।
परिवार द्वारा इस संबंध में अमेरिका की जांच एजेंसियों से शिकायत किए जाने के बाद कथित रूप से जांच में कुछ बातचीत के रिकॉर्ड सामने आने की बात कही गई है। साथ ही संबंधित अधिकारी के कुछ संदिग्ध आपराधिक तत्वों से संपर्क होने के भी आरोप लगाए गए हैं।
पंजाब पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह प्रारंभिक स्तर की जांच है और बिना ठोस साक्ष्यों के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो सख्त कार्रवाई की जाएगी, जबकि निराधार साबित होने पर संबंधित अधिकारी को राहत दी जाएगी।

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