मुंबई के समुद्र में दौड़ेगी इलेक्ट्रिक वॉटर टैक्सी

मुंबई/एजेंसी। सड़कों के साथ ही समुद्र पर भी जल्द ही इलेक्ट्रिक से चलने वाली वॉटर टैक्सी दौड़ती नजर आएंगी। दिसंबर से मुंबई समेत एमएमआर के सात लोकेशन पर इलेक्ट्रिक वॉटर टैक्सी की सेवा उपलब्ध होगी। इनफिनिटी हार्बर सर्विस ने चार इलेक्ट्रिक वॉटर टैक्सी के साथ सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। चार में 2 बोट 24 शीटर और 2 बोट शीटर की हैं। कंपनी के अनुसार, मुंबई के साथ ही उन्हें बेलापुर से एलिफेंटा, नेरुल, कारंज, रेवास, वाशी, जेनपीटी, ऐरोली में टैक्सी का संचालन करने की अनुमति प्राप्त हो गई है। इलेक्ट्रिक टैक्सी के चलने से समुद्र में होने वाले प्रदूषण में कमी आने के साथ ही ऑपरेटर का पैसा भी बचेगा। टैक्सी ऑपरेटर सोहेल कजानी के अनुसार, एक बार फुल चार्ज होने के बाद इलेक्ट्रिक टैक्सी लगातार चार घंटे चल सकती है। वहीं डीजल से चलने वाली वॉटर टैक्सी के एक घंटे के संचालन में करीब 140 लीटर डीजल की खपत होती है।
गोवा और कोच्चि में चल रहा ट्रायल
संचालन का खर्च बचाने के लिए कंपनी को हर इलेक्ट्रिक टैक्सी पर करीब 2.5 करोड़ रुपये खर्च करने पड़े। मौजूदा समय में 24 सीट वाले टैक्सी का ट्रायल गोवा और 6 सीट वाली टैक्सी का ट्रायल कोच्चि में चल रहा है। टैक्सी 12 नॉटिकल माइल की स्पीड से दौड़ने में सक्षम है। इस बोट से मुंबई से नवी मुंबई का सफर करीब एक घंटे में हो सकेगा। अगले महीने ट्रायल रन पूरा कर टैक्सी मुंबई पहुंच जाएगी। मौजूदा समय में वॉटर टैक्सी का संचालन बेलापुर से एलिफेंटा, मांडवा और अलीबाग के बीच हो रहा है।
इलेक्ट्रिक वॉटर टैक्सी के आने से कंपनी को एक बार फिर मुंबई से बेलापुर के मार्ग पर सेवा शुरू करने की उम्मीद है। जानकारों के अनुसार, इलेक्ट्रिक बोट इस रूट पर चलने वाली पहले की बोट से छोटी है। इस वजह से बोट का कुछ ही हिस्सा पानी के भीतर होगा। इस कारण मुंबई-बेलापुर रूट पर मौजूद रॉक (चट्टान) से टैक्सी के टकराने की संभावना बेहद कम है। बता दें कि रॉक से टैक्सी के टकराने के कारण ऑपरेटरों ने पिछले कुछ महीने से मुंबई-बेलापुर रूट पर टैक्सी का संचालन बंद कर रखा है। इनफिनिटी हार्बर सर्विस के प्रवक्ता के अनुसार, गेट वे ऑफ इंडिया से टैक्सी का संचालन आरंभ करने की अनुमति मिल जाएगी। जबकि डोमेस्टिक क्रूज टर्मिनल से संचालन की अनुमति उनको पहले ही मिल चुकी है। इस से बड़ी संख्या में यात्री इलेक्ट्रिक टैक्सी से सफर कर पाएंगे।
मरीन लाइफ को फायदा
मुंबई के करीब के समुद्र तट पर रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े जहाजों की आवाजाही होती है। डीजल से चलने वाले जहाजों की वजह से समुद्र में बढ़ता प्रदूषण प्रशासन के लिए चिंता का सबक बना हुआ है। इस से निपटने के लिए मुंबई पोर्ट ट्रस्ट की इलेक्ट्रिक बोट को बढ़ावा देने की कई योजना पर काम कर रहा है। बीपीटी के चेयरमैन राजीव जलोटा के अनुसार, जहाजों के लिए वैकल्पिक ईंधन उपलब्ध करवाने से जहाजों पर होना वाला खर्च 40 से 50 प्रतिशत तक कम हो सकता है। खर्च के कम होने का लाभ सीधे यात्रियों को मिलेगा, नतीजतन यात्री किराये में भी कटौती करना संभव होगा। विश्व के कई देशों में डीजल के बजाय वैकल्पिक ईंधन से जहाजों को चलाया जाता है। इस कारण सेवा बेहद ही कम दरों पर उपलब्ध होने के साथ ही समुद्र में होने वाले प्रदूषण में भी कमी आएगी।

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