मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के उत्तरी हिस्से को 15 जनवरी से ढहाने की तैयारी, उड़ानों का होगा पुनर्विन्यास

अडानी ग्रुप के संचालित मुंबई एयरपोर्ट 15 जनवरी, 2027 से टर्मिनल 1 (T1) के एक हिस्से को गिराने का काम शुरू करेगा।

मुंबई/एजेंसी। अडानी समूह द्वारा संचालित मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 के उत्तरी हिस्से को अगले वर्ष 15 जनवरी से ढहाने की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी है। पुनर्विकास के पहले चरण के तहत टर्मिनल-1बी के उत्तरी हिस्से को हटाया जाएगा। इस हिस्से से सालाना करीब 50 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है।
हवाई अड्डे की संचालन कंपनी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने 13 अगस्त को नागर विमानन मंत्रालय को भेजे पत्र में पुनर्विकास और उड़ानों के पुनर्विन्यास की योजना की जानकारी दी है। इसके तहत टर्मिनल-1 से संचालित कुछ घरेलू उड़ानों को टर्मिनल-2 में और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के एक हिस्से को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित किया जाएगा।
योजना के अनुसार, एक अक्टूबर से कम से कम एक-तिहाई अंतरराष्ट्रीय उड़ानों को नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बाद 25 अक्टूबर से टर्मिनल-1 से संचालित कम से कम एक-तिहाई उड़ानों को टर्मिनल-2 में स्थानांतरित किया जाएगा। एयरलाइनों को बदलाव के लिए करीब साढ़े तीन महीने का समय और आवश्यक सहयोग देने के बाद टर्मिनल-1बी के उत्तरी हिस्से को ढहाने का काम शुरू किया जाएगा।
मुंबई हवाई अड्डे पर परिचालन व्यवस्था में बदलाव पहले ही शुरू हो चुका है। अकासा एयर ने एक अगस्त से अपना घरेलू परिचालन टर्मिनल-1 से टर्मिनल-2 में स्थानांतरित कर दिया है। वहीं, मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड घरेलू और अंतरराष्ट्रीय विमानन कंपनियों के साथ उड़ानों को टर्मिनल-1 से टर्मिनल-2 और टर्मिनल-2 से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर स्थानांतरित करने को लेकर बातचीत कर रही है।
करीब 80 वर्ष पुराने टर्मिनल-1 के कुछ हिस्सों को पहले ही हटाया जा चुका है। वर्तमान में छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के टर्मिनल-1 की सालाना यात्री क्षमता करीब डेढ़ करोड़ और टर्मिनल-2 की करीब चार करोड़ यात्रियों की है। मुंबई हवाई अड्डे पर प्रतिदिन 950 से अधिक उड़ानों का संचालन होता है।
मुंबई और नवी मुंबई दोनों हवाई अड्डों का स्वामित्व अडानी समूह के पास है। उड़ानों के पुनर्विन्यास का उद्देश्य टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के दौरान हवाई यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना और यात्रियों को कम से कम असुविधा पहुंचाना है।
मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने नागर विमानन मंत्रालय से एक संयुक्त बदलाव समूह गठित करने पर विचार करने का अनुरोध भी किया है। इसकी अध्यक्षता नागर विमानन सचिव द्वारा किए जाने का प्रस्ताव है। समूह में प्रमुख हितधारकों को शामिल कर उड़ानों के स्थानांतरण और परिचालन व्यवस्था के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा।
नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के शुरू होने के साथ मुंबई महानगर क्षेत्र में हवाई यातायात को दो प्रमुख हवाई अड्डों के बीच बांटने की प्रक्रिया भी तेज होने की उम्मीद है। टर्मिनल-1 के पुनर्विकास के बाद मुंबई हवाई अड्डे की यात्री सुविधाओं और परिचालन क्षमता को नए स्वरूप में विकसित किया जाएगा। में भी देखा जा रहा है।

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