मथुरा के बंदरों ने छीना डीएम का चश्मा,पुलिस को करनी पड़ी मशक्कत

मथुरा,(उत्तर प्रदेश)। मथुरा के वृंदावन में एक बंदर डीएम का चश्मा चेहरे से उताकर भाग गया। इस दौरान 20 से ज्यादा पुलिसकर्मी वहां मौजूद थे। पहले डीएम और फिर पुलिस वालों ने बंदर से चश्मा वापस लेने की काफी कोशिश की। मगर, बंदर किसी भी हालत में चश्मा वापस करने को तैयार नहीं हुआ।इसके बाद पास की एक दुकान से फ्रूटी मंगाई गई। यह देख कर बंदर पास आया और फ्रूटी लेकर चश्मा वापस कर भाग गया। इस तरह 5 मिनट बाद डीएम को उनका चश्मा वापस मिल पाया। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस घटना को लेकर ट्वीट करते हुए भाजपा पर तंज कसा।
डीएम नवनीत चहल बांके बिहारी मंदिर में हुए हादसे के बाद जानकारी लेने वृंदावन पहुंचे थे। उनके साथ एसएसपी अभिषेक यादव और अन्य अफसर भी थे। डीएम -एसएसपी राधा बल्लभ मंदिर के पास से रास्तों को देखते हुए जा रहे थे। इसी दौरान डीएम के मोबाइल पर किसी का फोन आया। वह पुलिसकर्मियों के बीच से निकल कर दूसरी तरफ जाकर बात करने लगे। इसी बीच एक बंदर आया और उनका चश्मा लेकर भाग गया। डीएम के साथ पुलिसकर्मियों ने बंदर से चश्मा लेने की काफी कोशिश की।बंदर को खान-पान से लेकर हर तरह का लालच दिया गया, लेकिन उसने चश्मा नहीं छोड़ा। 4 पुलिसकर्मी उसके पीछे लगाए गए। उसके बाद दुकान से दो फ्रूटी मंगाई गई। एक पुलिसकर्मी हाथ में फ्रूटी लेकर उसकी तरफ आगे बढ़ा। यह देखकर बंदर नीचे आया। पुलिसकर्मी के हाथ से फ्रूटी ली और चश्मा छोड़कर वापस भाग गया।
चश्मा मिलने के बाद डीएम नवनीत सिंह चहल के साथ चल रहे लोगों ने कहा कि सर आज तो यह खबर बन गई। इस पर डीएम ने कहा कि पहले भी दो बार यहां के बंदर चश्मा ले जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि बंदरों की समस्या से निजात के लिए उपाय तलाशे जा रहे हैं।वृंदावन के लोगों के मुताबिक, शहर में बंदरों का आतंक है। वह सड़क पर चलते लोगों का पलक झपकते ही चश्मा, पर्स और मोबाइल लेकर भाग जाते हैं। दिन भर सड़कों पर उनका उत्पात देखने को मिलता है। जब भी कोई बाहर का आदमी शहर में कदम रखता है तो यहां के दुकानदार, पुरोहित और स्थानीय लोग सबसे पहले उसे अपना चश्मा, पर्स और मोबाइल संभाल कर रखने की सलाह देते हैं।
वृंदावन में बंदरों का आतंक केवल चश्मा, पर्स और मोबाइल ले जाने तक ही नहीं है। वे आए दिन किसी न किसी को शारीरिक रूप से नुकसान पहुंचाते हैं। बंदरों की बढ़ती समस्या को देखते हुए यहां के लोग उनसे निजात पाने के लिए लंबे समय से शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं।मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले कार्यकाल के दौरान वृंदावन में एक कार्यक्रम में बंदरों की समस्या से निजात पाने के लिए हनुमान चालीसा पढ़ने का बयान दिया। इसके बाद अब लोग हर मंगलवार को हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं।




