पत्रकार तरुण तेजपाल यौन उत्पीड़न मामले में दोषी करार, बॉम्बे हाई कोर्ट ने बदला ट्रायल कोर्ट का फैसला
बॉम्बे हाई कोर्ट ने तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न मामले में दोषी ठहराते हुए ट्रायल कोर्ट का बरी करने वाला फैसला पलट दिया। अब मामले में सजा पर आगे की सुनवाई होगी।

मुंबई/एजेंसी। बॉम्बे हाई कोर्ट ने वरिष्ठ पत्रकार तरुण तेजपाल को यौन उत्पीड़न के मामले में दोषी करार दिया है। जस्टिस डॉ. नीला गोखले और जस्टिस अमित जमसंडेकर की डिवीजन बेंच ने गोवा सरकार की अपील को स्वीकार करते हुए यह फैसला सुनाया। इसके साथ ही गोवा की मापुसा सेशंस कोर्ट द्वारा तेजपाल को दी गई बरी होने की राहत को रद्द कर दिया गया।
गुरुवार को सुनाए गए इस फैसले के दौरान तरुण तेजपाल अदालत कक्ष में मौजूद रहे। इससे पहले हाई कोर्ट ने मामले की सुनवाई पूरी कर निर्णय सुरक्षित रख लिया था और तेजपाल को फैसले के समय कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए थे।
यह मामला नवंबर 2013 में एक महिला सहयोगी द्वारा लगाए गए आरोपों से जुड़ा है। आरोप के अनुसार, गोवा में एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में 7-8 नवंबर 2013 को तेजपाल ने उनका यौन उत्पीड़न किया था। इस मामले में निचली अदालत ने तेजपाल को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ गोवा सरकार ने हाई कोर्ट में अपील दायर की थी।
सुनवाई के दौरान गोवा सरकार ने ट्रायल कोर्ट के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि उसमें कई खामियां थीं और शिकायतकर्ता की गवाही का मूल्यांकन करते समय ऐसे मानदंड अपनाए गए, जो कानून में निर्धारित नहीं हैं। सरकार ने यह भी दलील दी कि यौन अपराध की पीड़िता से किसी विशेष प्रकार के व्यवहार की अपेक्षा करना न्यायसंगत नहीं है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत में उस होटल की लिफ्ट के वीडियो क्लिप भी प्रस्तुत किए गए, जहां कथित घटना हुई थी। ये क्लिप केवल अदालत कक्ष में मौजूद लोगों को ही दिखाए गए। बचाव पक्ष की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आबाद पोंडा ने पीड़िता के बयानों में कथित विरोधाभासों की ओर ध्यान दिलाया, जबकि अभियोजन पक्ष ने ट्रायल कोर्ट के निष्कर्षों को त्रुटिपूर्ण बताया। हाई कोर्ट के इस फैसले को मामले में एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है।




