आसान होगी वैष्णो देवी की यात्रा, छह से सात घंटे की जगह सिर्फ एक घंटे में कर पाएंगे दर्शन
The journey to Vaishno Devi will become easier, instead of six to seven hours, you will be able to have darshan in just one hour

- कटरा से सांझीछत के बीच नहीं करनी होगी चढ़ाई
- रोपवे के जरिए कुछ मिनटों पर पहुंच जाएंगे श्रद्धालु
- अभी इस दूरी को तय करने में लग जाते हैं कई घंटे
- रोपवे खुलने के बाद एक घंटे में दर्शन करना संभव
श्रीनगर/एजेंसी। माता वैष्णो देवी की यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं को जल्द ही बड़ी राहत मिलेगी। वैष्णो देवी तीर्थयात्रा को तेज और आसान बनाने के लिए कटरा से 300 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे बनाया जा रहा है। इस रोपवे के बनने के बाद छह से सात घंटे का सफर घटकर एक घंटे से कम का रह जाएगा। अभी वैष्णो देवी जाने वाले लोगों को चढ़ाई करनी पड़ती है। बिना रुके पैदल चलने पर छह से सात घंटे लग जाते हैं। यदि कोई घोड़े से जाता है तो चार घंटे में माता के भवन का सफर पूरा होता है। हेलीकॉप्टर से जाने के बाद भी 2.5 किलोमीटर की पैदल यात्री करनी होती है। इस कठिन सफर को आसान करने के लिए वैष्णो देवी मंदिर कटरा शहर और सांझीछत के बीच 300 करोड़ रुपये की लागत से रोपवे बनाया जा रहा है। इससे माता वैष्णो देवी के श्रद्धालुओं को बहुत बड़ी राहत मिलेगी।
श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अधिकारियों ने यह बहुप्रतीक्षित रोपवे के दिसंबर 2026 तक चालू होने की उम्मीद है। इसके खुलने के बाद रोपवे से एकतरफा तीर्थयात्रा का समय वर्तमान 6-7 घंटे से घटकर एक घंटे से भी कम हो जाएगा। बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने कहा कि रोपवे से कटरा से सांझीछत तक केवल छह मिनट लगेंगे। इसके बाद 30-45 मिनट पैदल चलकर मंदिर पहुंचा जा सकेगा। श्राइन बोर्ड की कमान यूटी के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के पास है।
बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अंशुल गर्ग ने बताया कि रोपवे की क्षमता एक घंटे में 1,000 लोगों को ले जाने की होगी। इस परियोजना को गुड़गांव स्थित जीआर इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड द्वारा सार्वजनिक निजी भागीदारी (पीपीपी) मोड में बनाया जा रहा है। श्राइन बोर्ड ने पिछले साल शुरु साथ एक समझौता करने के बाद पिछले महीने इस पर काम शुरू किया था। सूत्रों ने बताया कि इस साल 86 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र मंदिर में दर्शन कर चुके हैं और यह आंकड़ा एक करोड़ के पार जाने की संभावना है। पिछले साल 95 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने मंदिर में दर्शन किए थे।
सूत्रों ने बताया कि इस साल 86 लाख से अधिक तीर्थयात्री पवित्र तीर्थस्थल पर मत्था टेक चुके हैं, उन्होंने कहा कि यह आंकड़ा 1 करोड़ के आंकड़े को पार करने की संभावना है। पिछले साल 95 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने तीर्थस्थल पर मत्था टेका था। पिछले सालों में श्राइन बोर्ड ने तीर्थयात्रियों के लिए सुविधाओं में कई वृद्धि की है, जिसमें माता वैष्णो देवी भवन में एक स्काईवॉक, नई सामुदायिक रसोई और रेलवे पंजीकरण केंद्र शामिल हैं।




