गाजियाबाद में जबरन धर्म बदलवाने के आरोप में एलएलबी छात्र समेत 4 गिरफ्तार

100 से ज्‍यादा का करवा चुका था धर्मांतरण

गाजियाबाद। नंदग्राम के बाद अब मोदीनगर में भी धर्मांतरण का मामला सामने आया है। आशंका है कि यहां लोगों को लालच देकर धर्म बदलने के लिए मजबूर किया जा रहा था। इसकी फंडिंग दिल्ली से की जा रही थी। इस मामले में मोदीनगर पुलिस ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक LLB का छात्र भी है।डीसीपी देहात सुरेंद्रनाथ तिवारी ने बताया कि आरोपियों के नाम आशु, पोलूस मसीह, पास्टर रासी बालियार और छट्ठू कुमार शाह हैं। आशु एलएलबी का स्टूडेंट है। उसकी चाची ने ही धर्मांतरण का दबाव बनाने की शिकायत पुलिस से की थी। आशु बीमारी के इलाज और अन्य सुविधाएं दिलवाने के नाम पर धर्मांतरण के लिए कह रहा था।
जांच में आरोप सही मिले, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। डीसीपी ने बताया कि इस मामले में नंदग्राम में गिरफ्तार किए गए गैंग से भी इनके संपर्क की बात सामने आई है। उस एंगल पर भी जांच की जा रही है। पूछताछ में पोलूस ने बताया कि उसे दिल्ली के एक संगठन से 3 हजार रुपये महीने की फंडिंग मिलती है। जब वह लोगों से मिलने और धर्म के प्रचार के लिए जाता है तो उसे उसके लिए भी अलग से रुपये दिए जाते हैं। जो लोग बातों में आकर धर्मांतरण के लिए तैयार हो जाते हैं, उनके लिए भी रुपये उसे चर्च से मिल रहे थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मामले में विदेशी फंडिंग के बारे में जानकारी की जा रही है। साथ ही अन्य फैक्ट्स चेक किए जा रहे हैं।
आरोपियों ने बताया कि वह अभी तक 100 से अधिक लोगों का धर्मांतरण करवा चुके हैं। लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे लोगों और युवाओं को जॉब और शादी के नाम पर गुमराह कर आरोपी अपने साथ शामिल कर रहे हैं। धर्मांतरण के बाद गुपचुप तरीके से अन्य लोगों को जोड़ने के लिए भी कहते हैं।
इस मामले में गिरफ्तार किए गए तीन आरोपी गौतमबुद्ध नगर के रहने वाले हैं। ऐसे में वह अपने क्षेत्र में भी लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रोत्साहित कर रहे हैं। नंदग्राम और मोदीनगर से गिरफ्तार आरोपियों के एक ही प्रकार के ग्रुप में शामिल होने की बात भी सामने आई है। डीसीपी ने बताया कि आरोपियों के अकाउंट के साथ अन्य सभी जानकारी जुटाई जा रही हैं, जितने लोगों का धर्मांतरण करवाया गया है, उनके बारे में भी पता किया जा रहा है।
मोदीनगर से पहले नंदग्राम के सेवानगर में भी धर्मांतरण का केस सामने आया था। हंगामे के बाद पुलिस ने इंग्राहम स्कूल के पीटीआई और एक पादरी गैराल्ड मैथ्यूज मेसी समेत 5 को गिरफ्तार किया था। इस गैंग ने भी 150 लोगों का धर्मांतरण करवाने की बात कही थी। इसका कनेक्शन मुंबई और केरल से निकला था।
जांच में सामने आया है कि मेसी जिस चर्च का पादरी बताता था, वह डासना में है ही नहीं। इसके अलावा उसके मोबाइल में 51 ऐसे लोगों की लिस्ट मिली है, जिन्हें कन्वर्ट कर रैंक देकर और लोगों को जोड़ने का काम दिया गया है। अडिशनल सीपी दिनेश पी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों मामलों के लिए एसआईटी बनाई गई है। नंदग्राम और मोदीनगर दोनों केस के लिए अलग अलग एसआईटी होगी, जिसे डीसीपी मॉनिटर करेंगे।

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