उत्तर प्रदेश पुलिस का अजीबोगरीब कारनामा, फरियादी का ही कर दिया चालान
सीएम पोर्टल पर शिकायत करना पड़ गया भारी

आगरा/उत्तर प्रदेश। उत्तर प्रदेश की आगरा पुलिस का अजीबोगरीब कारनामा सामने आया है। एक पीडि़त जिसकी सुनवाई पुलिस ने नहीं की तो उसने सीएम पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज करा दी, लेकिन पुलिस की कार्यशैली देखिए कि उन्होंने शिकायतकर्ता का ही शांतिभंग में चालान कर दिया। अब पीड़ित अपने आपको ही कोस रहा है।थाना ट्रांस यमुना कॉलोनी के अंजनि विहार के रहने वाले राकेश शर्मा का कहना है कि उसने अपना मकान 4 साल पहले पीकेश यादव को किराये पर दिया था। उसने एक साल तक किराया दिया। इसके बाद किराया देना बंद कर दिया। जब किराया मांगा तो धमकी देकर भगा दिया। इस पर राकेश शर्मा ने थाना पुलिस से शिकायत की, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। एक माह पहले उसने सीएम पोर्टल पर शिकायत की। आईजीआरएस पर की गई शिकायत को निपटाने के लिए पुलिस ने दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान कर दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि जांच कर रहे पुलिस अधिकारी ने बिना उससे मिले और बयान लिए ही अपनी रिपोर्ट लगा दी।
शिकायतकर्ता राकेश शर्मा ने थाना पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं कि थाना ट्रांस यमुना प्रभारी निरीक्षक भानु प्रताप सिंह जात-पात देखकर काम करते हैं। यही कारण है कि पीकेश यादव के स्थान पर जांच रिपोर्ट में उसका नाम पीकेश शर्मा कर दिया है, जबकि उसका नाम पीकेश यादव है, जोकि एक हॉस्पिटल चलाता है। जांच अधिकारी आईजीआरएस पोर्टल पर अपनी रिपोर्ट में पीकेश यादव को पीकेश शर्मा दर्शा रहे हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि पीकेश यादव अपराधी किस्म का व्यक्ति है। इससे पहले वह थानाध्यक्ष शैलेंद्र सिंह को भी धमकी दे चुका था। जिस पर केस दर्ज हुआ था।
जांच रिपोर्ट में लिखा है कि राजेश ने मकान बेचने के लिए पीकेश से बात की थी। जिस पर वह खरीदने के लिए तैयार हो गया। मकान की साज-सज्जा में पीकेश ने 5-6 लाख रुपये लगा दिए हैं। अब वह मकान बेचने के लिए तैयार नहीं है और न ही उसके पैसे लौटा रहा है। दोनों की हठधर्मिता के चलते विवाद की स्थिति को देखते हुए दोनों पक्षों का शांतिभंग में चालान कर दिया गया।




