मेवाड़ यूनिवर्सिटी का डीन गिरफ्तार, फर्जी डिग्रियों के साथ पकड़ी गई थी दो युवतियां

जयपुर/एजेंसी। प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक करने और डमी अभ्यर्थियों को परीक्षाओं में बैठाकर धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ एसओजी लगातार एक्शन ले रही है। साथ ही फर्जी डिग्रियों के जरिए नौकरी हासिल करने वालों पर भी शिकंजा कसा जा रहा है। सोमवार को एसओजी ने एक बड़ी गिरफ्तारी की है। मेवाड़ यूनिवर्सिटी के विभागाध्यक्ष (डीन) कौशल किशोर चंदरुल को एसओजी ने गिरफ्तार किया है। कौशल किशोर पर आरोप है कि उन्होंने कई अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्रियां दी। फर्जी डिग्रियां लेने वाले कुछ अभ्यर्थियों का सरकारी नौकरी में चयन हुआ तो दस्तावेज सत्यापन के दौरान यह फर्जीवाड़ा सामने आ गया।
पिछले महीने आरपीएससी की ओर से अजमेर के सिविल लाइन थाने में दो युवतियों के खिलाफ फर्जी डिग्रियां पेश करने का मुकदमा दर्ज कराया था। कुछ दिनों बाद सिविल लाइन पुलिस ने ब्रह्माकुमारी और कमला कुमारी को गिरफ्तार किया। इन दोनों का चयन प्राध्यापक भर्ती के लिए हुआ था। आवेदन के दौरान उन्होंने अलग यूनिवर्सिटी का जिक्र किया जबकि चयन के बाद अलग यूनिवर्सिटी की डिग्री पेश की। मामला संदिग्ध लगने पर आरपीएससी की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया। जांच के बाद फर्जीवाड़ा खुला तो पुलिस ने दोनों युवतियों को गिरफ्तार किया था। चूंकि यह मामला प्रतियोगिता परीक्षा में किए गए फर्जीवाड़े से जुड़ा था। ऐसे में इस मामले को एसओजी को ट्रांसफर कर दिया गया।
अजमेर के सिविल लाइन थाने से मामला एसओजी में ट्रांसफर होने के बाद पेपर लीक मामलों की जांच करने वाली टीम ने जांच की। जांच में मेवाड़ यूनिवर्सिटी के डीन कौशल किशोर की भूमिका संदिग्ध पाई गई। एसओजी की टीम ने कौशल किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म स्वीकार करते हुए फर्जी डिग्री देने की बात कही। इसके बाद एसओजी ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। एसओजी अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कौशल कुमार ने कितने अभ्यर्थियों को फर्जी डिग्रियां दी।

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