जिस पर बेनामी संपत्ति में दर्ज हुआ था मुकदमा, बीजेपी ने उसको बंगाल के बीरभूम से बनाया प्रत्याशी

कोलकाता/एजेंसी। बीजेपी ने बंगाल में दो और सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा की। राज्य के 42 लोकसभा सीटों में से चार उम्मीदवारों की घोषणा अभी बाकी है। इनमें झारग्राम और बीरभूम सीट के लिए उम्मीदवारों की घोषणा कर दी गई है। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए प्रणत टुडू को झारग्राम सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इसके अलावा पूर्व पुलिस प्रमुख देबाशीष धर को बीरभूम से उतारा गया है। हालांकि आसनसोल और डायमंड हार्बर लोकसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा अभी बाकी है।
बंगाल की किन सीटों पर अभी उम्मीदवार बाकी
बीजेपी की ओर से अब तक आसनसोल और डायमंड हार्बर सीटों की घोषणा नहीं की गई है। हालांकि आसनसोल लोकसभा सीट के लिए उम्मीदवार की घोषणा पहली बार की गई थी। इस सीट से गायक पवन सिंह को नॉमिनेट किया गया था। हालांकि बाद में उन्होंने उम्मीदवार बनने से अपना नाम वापस ले लिया। इसलिए इस सीट के लिए उम्मीदवारों की सूची अभी घोषित नहीं की गई है।
बीरभूम से आईपीएस देबाशीष धर उतरे
बीरभूम लोकसभा सीट से पूर्व आईपीएस देबाशीष धर के नाम की घोषणा हुई है। इन्होंने कुछ दिन पहले अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में उनके बीजेपी के टिकट पर उम्मीदवारी को लेकर अफवाहें फैल गईं। आज वह अटकल सच निकली। बीजेपी ने बीरभूम में पूर्व आईपीएस को अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
देबाशीष धर के खिलाफ हुई थी छापेमारी
पूर्व आईपीएस देबाशीष धर के खिलाफ 2022 में बेनामी संपत्ति के मामले में सीआईडी की छापेमारी हुई थी। सीआईडी ने आईपीएस अधिकारी देबाशीष धर के साल्टलेक के घरों की तलाशी ली थी। दरअसल आईपीएस अधिकारी देबाशीष धर को बिजनेसमैन सुदीप्त रॉयचौधरी का करीबी बताया गया था। यह कार्रवाई गैर-आय संपत्ति के मामले के तहत हुई थी।
झारग्राम से डॉक्टर को टिकट
वहीं, झारग्राम से निवर्तमान बीजेपी सांसद कुंअर हेम्ब्रम ने कुछ दिन पहले सांसद पद से इस्तीफा दे दिया था। फिर जिला स्तर पर किसे मनोनीत किया जाएगा इसकी चर्चा शुरू हो गई थी। तब बीजेपी उम्मीदवार के तौर पर प्रणत टुडू का नाम सामने आया था। वह एक सरकारी अस्पताल में डॉक्टर हैं। उन्होंने सरकारी नौकरी से भी इस्तीफा दे दिया।
बंगाल में विपक्ष के नेता सुवेंदु अधिकारी ने पहले बताया था कि झारग्राम और बीरभूम लोकसभा सीटों के लिए दो उम्मीदवारों के नाम पहले ही तय हो चुके हैं। चूंकि वे सरकारी कामकाज से जुड़े हैं, इसलिए इस्तीफा देने के बाद भी दस्तावेजों से जुड़े कुछ मामले अटके हुए थे। उनका समाधान होते ही उनके नामों की घोषणा कर दी जाएगी। इसी तरह शनिवार रात को इन दोनों उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की गई।
टीएमसी ने कसा तंज
वहीं, राज्य की एक और महत्वपूर्ण सीट डायमंड हार्बर केंद्र ने भी उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। तृणमूल कांग्रेस के अखिल भारतीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने राज्य के चार लोकसभा क्षेत्रों में उम्मीदवारों की घोषणा नहीं करने के लिए बीजेपी की आलोचना की। अभिषेक ने कटाक्ष किया कि इन चार केंद्रों पर चार केंद्रीय एजेंसियों ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स को उम्मीदवार के तौर पर खड़ा किया जाना चाहिए।

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