भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में किसानों का दिल्ली कूच, किसान घाट पर महापंचायत
किसानों का कहना है कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यापार समझौते का विरोध नहीं, बल्कि देश के कृषि क्षेत्र और करोड़ों किसानों की आजीविका बचाने की लड़ाई है।

चंडीगढ़/एजेंसी। पंजाब, हरियाणा सहित देश के कई राज्यों के हजारों किसान मंगलवार को दिल्ली की ओर कूच कर रहे हैं। किसान राजधानी में आयोजित होने वाली ‘किसान महापंचायत’ में भाग लेने के लिए जा रहे हैं। इस महापंचायत का मुख्य उद्देश्य प्रस्तावित भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते का विरोध करना है। किसानों का आरोप है कि मौजूदा स्वरूप में यह समझौता लागू होने पर देश के कृषि और डेयरी क्षेत्र पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और लाखों छोटे किसानों की आजीविका संकट में पड़ सकती है।
‘देश बचाओ मोर्चा’ के बैनर तले आयोजित यह एक दिवसीय महापंचायत दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित की जाएगी। इसमें विभिन्न किसान संगठनों के प्रतिनिधि शामिल होकर प्रस्तावित व्यापार समझौते के खिलाफ आगे की रणनीति तय करेंगे। किसान संगठनों का कहना है कि इस समझौते के तहत अमेरिका से कृषि और डेयरी उत्पादों के आयात पर शुल्क में कमी की संभावना है, जिससे अमेरिकी उत्पाद भारतीय बाजार में कम कीमत पर उपलब्ध हो सकते हैं और इससे देश के किसानों को सीधा नुकसान होगा।
किसानों का आरोप है कि अमेरिका में किसानों को भारी सरकारी सब्सिडी मिलती है और वहां आधुनिक तकनीक के साथ बड़े पैमाने पर खेती की जाती है। इसके मुकाबले भारत के अधिकांश किसान छोटे और सीमांत हैं, जिनके लिए सस्ते आयातित उत्पादों से प्रतिस्पर्धा करना कठिन होगा। किसानों के अनुसार इस समझौते का सबसे अधिक प्रभाव सोयाबीन, मक्का, कपास, सेब, बादाम, डेयरी उत्पाद और पोल्ट्री उद्योग पर पड़ सकता है। उनका कहना है कि सस्ते आयात से किसानों की आय प्रभावित होगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक असर पड़ेगा।
किसान संगठनों ने अपनी मांगों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने, इससे जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक करने, किसी भी व्यापार समझौते से पहले किसान संगठनों और संबंधित पक्षों से विस्तृत चर्चा करने तथा कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों की रक्षा सुनिश्चित करने की मांग रखी है।
इधर किसानों के दिल्ली कूच को देखते हुए पंजाब-हरियाणा सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। शंभू बॉर्डर पर हरियाणा पुलिस ने कंक्रीट बैरिकेड्स लगाए हैं और बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है। प्रशासन का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए उठाया गया है। वहीं किसान नेताओं का आरोप है कि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाने से रोका जा रहा है। किसान नेता सरवन सिंह पंढेर ने कहा कि सरकार किसानों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, जो लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है।




