हिमाचल में भारी बारिश का रेड अलर्ट, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर में स्कूल-कॉलेज 3 दिनों तक बंद
हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही मानसूनी बारिश से जनजीवन प्रभावित बना हुआ है। राज्य आपदा प्रबंधन की ओर से जारी सोमवार शाम की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 36 सड़कें बंद हैं, जबकि 43 पेयजल योजनाएं प्रभावित हुई हैं। ऐतिहातन सारे स्कूल और शिक्षण संस्थान तीन दिनों के लिए बंद कर दिए गए हैं।

शिमला/एजेंसी। हिमाचल प्रदेश में मौसम विभाग द्वारा जारी ‘रेड अलर्ट’ के मद्देनजर कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में 20 और 21 जुलाई को सभी शैक्षणिक संस्थानों को बंद रखने के आदेश जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने चंबा, कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी दी है, जबकि मंगलवार के लिए चंबा, कांगड़ा, कुल्लू, मंडी और सिरमौर में भी इसी तरह का अलर्ट जारी किया गया है।
कांगड़ा के उपायुक्त हेमराज बैरवा, मंडी के उपायुक्त अपूर्व देवगन और सिरमौर की उपायुक्त प्रियंका वर्मा ने अपने-अपने जिलों में सभी सरकारी एवं निजी स्कूल, कॉलेज, व्यावसायिक और तकनीकी संस्थान, आंगनबाड़ी केंद्र तथा अन्य शिक्षण संस्थानों को बंद रखने के आदेश दिए हैं। आदेश के तहत इन तिथियों पर निर्धारित सभी परीक्षाएं भी स्थगित कर दी गई हैं। हालांकि आवश्यकता पड़ने पर शिक्षण एवं गैर-शिक्षण कर्मचारियों को आपातकालीन या आपदा प्रबंधन कार्यों के लिए बुलाया जा सकता है।
मंडी जिले में यह आदेश आईटीआई, डीआईईटी, आंगनबाड़ी केंद्रों और निजी डे-केयर केंद्रों पर भी लागू रहेगा, जबकि आवासीय संस्थान जैसे आईआईटी मंडी और चिकित्सा महाविद्यालय इससे बाहर रखे गए हैं। इस बीच किन्नौर जिले में सांगला-चितकुल मार्ग पर रानी कांडा के पास टुबर नाले में आई अचानक बाढ़ ने भारी नुकसान पहुंचाया है। तेज बहाव के कारण पुल क्षतिग्रस्त हो गया है और यह मार्ग पूरी तरह अवरुद्ध हो गया है, जिससे सेना और भारत-तिब्बत सीमा पुलिस की अग्रिम चौकियों से संपर्क टूट गया है।
प्रदेश में लगातार हो रही बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन और सड़क बंद होने की घटनाएं सामने आई हैं। मंडी जिले में 11 सड़कें बंद हैं, जबकि चंबा में 10 सड़कें यातायात के लिए अवरुद्ध हैं। लोक निर्माण विभाग द्वारा सड़कों को बहाल करने का कार्य युद्ध स्तर पर किया जा रहा है।
मानसूनी बारिश का असर पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। सोमवार सुबह जहां 12 पेयजल योजनाएं प्रभावित थीं, वहीं शाम तक इनकी संख्या बढ़कर 43 हो गई। इनमें चंबा जिले के तीसा उपमंडल में सबसे अधिक 40 योजनाएं प्रभावित हुई हैं। हालांकि बिजली व्यवस्था में सुधार हुआ है और प्रभावित ट्रांसफार्मरों की संख्या घटकर काफी कम रह गई है।
राज्य सरकार ने सभी जिलों को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव कमलेश कुमार पंत ने जिला आपातकालीन संचालन केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने, संवेदनशील क्षेत्रों की पहचान करने और त्वरित राहत एवं बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस, होमगार्ड और अग्निशमन विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। साथ ही, प्रभावित क्षेत्रों में मलबा हटाने और आवश्यक सेवाओं को बहाल करने का कार्य लगातार जारी है।




