मुंबई में 23 जुलाई से 6 अगस्त तक धारा 144 लागू, पांच से अधिक लोगों के जुटने पर रोक

मुंबई में 23 जुलाई से 6 अगस्त तक सार्वजनिक जगहों पर पांच या उससे ज़्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने वाले आदेश जारी किए गए हैं। यह आदेश शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) द्वारा मुंबई यूनिवर्सिटी के बाहर विरोध प्रदर्शन करने के ठीक बाद आया है।

कांती जाधव/महाराष्ट्र स्टेट हेड

मुंबई ब्यूरो। मुंबई पुलिस ने शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के मद्देनजर 23 जुलाई से 6 अगस्त तक सार्वजनिक स्थानों पर पांच या उससे अधिक लोगों के एकत्र होने पर रोक लगाने का आदेश जारी किया है। अधिकारियों के अनुसार यह निषेधाज्ञा संभावित रूप से शांति भंग होने और लोक व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका को देखते हुए लागू की गई है।
महाराष्ट्र पुलिस अधिनियम के तहत पुलिस उपायुक्त (ऑपरेशन) अकबर पठान द्वारा जारी आदेश में जुलूस निकालने, लाउडस्पीकर और अन्य ध्वनि-विस्तारक यंत्रों के उपयोग, बैंड-बाजे के साथ कार्यक्रम आयोजित करने तथा जुलूसों में पटाखे फोड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। आदेश में कहा गया है कि विभिन्न स्रोतों से मिली सूचनाओं के आधार पर सार्वजनिक व्यवस्था में बाधा, मानव जीवन के लिए खतरा और संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई गई है, जिसके चलते एहतियाती कदम उठाना आवश्यक हो गया।
जानकारी के अनुसार यह प्रतिबंध हाल ही में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) द्वारा किए गए विरोध प्रदर्शन के बाद लगाया गया है। पार्टी की छात्र इकाई ने मुंबई विश्वविद्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। इस प्रदर्शन का नेतृत्व एनसीपी (एसपी) की मुंबई इकाई के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मिलिंद अन्ना कांबले ने किया। प्रदर्शन में शामिल कार्यकर्ताओं और छात्रों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुलिस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताया। कांबले ने आरोप लगाया कि सरकार असहमति की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है और चेतावनी दी कि यदि सरकार कार्रवाई करने में विफल रहती है तो देश का युवा लोकतांत्रिक तरीके से जवाब देगा।
पुलिस के आदेश के अनुसार ये प्रतिबंध 23 जुलाई की रात 12 बजकर एक मिनट से लागू होकर 6 अगस्त की मध्यरात्रि तक मुंबई पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे। हालांकि, विवाह समारोह, अंतिम संस्कार और शवयात्रा, कंपनियों, क्लबों और सहकारी समितियों की वैधानिक बैठकों, सामाजिक संगठनों की नियमित बैठकों तथा सिनेमाघरों और अन्य सार्वजनिक मनोरंजन स्थलों पर आयोजित कार्यक्रमों को इस आदेश से छूट दी गई है।
इसके अलावा अदालतों, सरकारी कार्यालयों और स्थानीय निकायों में होने वाले आधिकारिक कार्य, स्कूल-कॉलेजों की शैक्षणिक गतिविधियां तथा दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की नियमित गतिविधियां भी इस प्रतिबंध के दायरे से बाहर रहेंगी। संबंधित जोन के पुलिस उपायुक्तों की अनुमति से आयोजित अन्य सभाओं और जुलूसों को भी छूट प्रदान की जा सकती है।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और ऐसे मामलों की जांच प्रतिबंध अवधि समाप्त होने के बाद भी जारी रह सकती है। आदेश की जानकारी सार्वजनिक स्थानों, अदालतों और सरकारी कार्यालयों में नोटिस चस्पा कर तथा मीडिया और सार्वजनिक घोषणाओं के माध्यम से दी जाएगी।

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