आईएसआई का एजेंट है पाकिस्तान की जेल से भारत लौटा कलीम, लाहौर से ऑपरेट हो रहा था फोन

मेरठ,(उत्तर प्रदेश)। पाकिस्तान की जेल से रिहा होकर आए शामली के कलीम अहमद को एटीएस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोप है कि कलीम आईएसआई का एजेंट है और वह भारत में जेहाद फैलाने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहा है। आरोपी के फोन से देश के रक्षा संस्थानों की फोटो और अन्य दस्तावेज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि उसका फोन पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई ऑपरेट कर रही है। कलीम के फोन से मिले मोबाईल नम्बरों की IP एड्रेस पाकिस्तान के लाहौर शहर की है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश के मेरठ में एसटीएफ को मुखबिर से सूचना मिली थी कि कलीम पुत्र नसीम अहमद निवासी मोमीनपुरा घेरबुखारी नौकुआ और उसका भाई तहसीन उर्फ तासीम आतंकवादी संगठन के लिए काम कर रहे हैं। आरोप है कि करीब 4-5 दिन पहले पाकिस्तान से भारत लौटा कलीम यहां पर लोगों को जेहाद फैलाने के लिए प्रेरित कर रहा है और साथ ही भारत में मुजाहिदीन की जमात बनाने की तैयारी में है। वह लोगों से कहता है कि आप मेरे लिए शहादत की दुआ करना तथा आपके जो दोस्त मुजाहिद बनना चाहते हैं उनसे मेरी बात करा देना।
इस पर एटीएस की टीम मोमीनपुरा स्थित कलीम पुत्र नफीस के मकान पर पहुंची और उसे गिरफ्तार कर लिया। एटीएस की पूछताछ में कलीम ने बताया कि वह पांच भाई है और वह तीसरे नम्बर का है। सभी भाईयों की शादी हो चुकी है तथा वह अविवाहित है। इनके रिश्तेदार पाकिस्तान में रहते हैं, जिनसे मिलने के लिए काफी समय से वह पाकिस्तान आता जाता रहता है। पाकिस्तान में उसकी आईएसआई के कुछ लोगों और हैण्डलर्स से जान-पहचान हो गई थी। उन लोगों ने इसे कुछ पैसों का लालच देकर कहा था कि तुम्हें भारत में जिहाद फैलाने के लिए असलहा और गोला-बारूद, पैसा दिया जाएगा। जैसा हम कहते हैं तुम वैसा ही करो।
इतना ही नहीं, कलीम ने बताया कि उससे आईएसआईए के अधिकारियों ने भारत में सौहार्द बिगाड़ने के लिए अपने लोगों को तैयार करने के लिए कहा। उन्होंने भारत के अलग-अलग स्थानों पर दंगा फसाद कर विध्वंसक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए भी कहा ताकि भारत में शरीयत कानून के तहत नए सिस्टम को स्थापित कर भारत को इस्लामिक राष्ट्र बनाया जा सके।
आईएसआई कलीम के मोबाईल पाकिस्तान से हो रहा था ऑपरेट
जानकारी के मुताबिक, फर्जी आईडी पर कलीम ने एक मोबाईल नम्बर लिया था। इस मोबाइल नम्बर का वॉट्सऐप पाकिस्तान में आईएसआई ऑपरेटिव आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज के मोबाईल फोन पर एक्टिवेट कराया था। उसका भाई तहसीम उर्फ तासीम भारत से पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से संचालित आतंकवादी गतिविधियों में संलिप्त आतंकी दिलशाद उर्फ मिर्जा उर्फ शेख खालिद हाफिज से वॉट्सऐप पर बात करता था तथा उनके निर्देश पर उसको भारत से भारतीय सेना के सुरक्षा स्थल की फोटो व्हाटसएप पर भेजता था। भारत में जिहाद व आतंक फैलाने के उददेश्य से चैट मैसेज करता था।
भारतीय सेना की फोटोग्राफ भी भेजी पाकिस्तान
कलीम ने पूछताछ में खुलासा किया कि उसने राजस्थान में अनूपगढ़ में भारतीय सेना के सुरक्षा बल के जवानों की फोटोग्राफ भी भेजता था। भारतीय सेना के राफेल विमान के फोटोग्राफ से सम्बन्धित समाचार पत्र की फोटोग्राफ भी भेजा था। इसका भाई तहसीम उर्फ तासीम पैसो के लालच में आकर पाकिस्तानी खुफिया एजेन्सी आईएसआई और उनके हैण्डलर आंतकियों की बातो में आकर उनके कहने पर भारत में आतंकी गतिविधियों को संचालित करने के लिए तैयार हो गया था।

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