मार्केट में खपा चुके 5 करोड़ के नकली नोट, दिल्ली पुलिस की स्पेशल टीम ने किया गैंग का भंडाफोड़

नई दिल्ली/एजेंसी। पिछले पांच साल में 5 करोड़ के नकली नोट बाजार में खपा चुके एक इंटरस्टेट सिंडिकेट का स्पेशल सेल ने भंडाफोड़ कर तीन लोगों को पकड़ा गया है। सेल ने इनके पास से 50 लाख के नकली नोट बरामद किए हैं। साथ ही प्रिंटिंग के एक पूरे सेट-अप को भी जब्त किया है। आरोपियों की पहचान बदायूं के आसिफ अली, दानिश अली और सरताज खान के रूप में हुई है। सेल का दावा है कि ये टॉप क्वॉलिटी का सॉफ्टवेयर खरीदकर नकली नोटों को स्कैन कर छाप रहे थे।
50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद
स्पेशल सेल डीसीपी इंगित प्रताप सिंह के मुताबिक, एसीपी संजय दत्त, सुनील की देखरेख में इंस्पेक्टर मनेंद्र, सुनील, नीरज की टीमें पिछले काफी समय से इस दिशा में काम कर रही थीं। टीम को आसिफ के बारे में पता चला कि वह नकली नोट छाप रहा है। वह अपने दो साथियों के साथ इन नोटों की खेप लेकर अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास आएगा। टीम ने अक्षरधाम मेट्रो स्टेशन के पास नोएडा लिंक रोड पर घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद तीनों यहां पहुंचे। इन्हें रोका गया ये टीम के साथ हाथापाई करने लगे। इसके बाद इन्हें काबू किया गया। इनके कब्जे से 50 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए गए। जो कि 500 रुपये के नोट थे। इनकी महिंद्रा टीयूवी कार भी जब्त की गई।
तीनों की रिमांड लेने के बाद बदायूं के सहसवान में इनके ठिकाने से कच्चा माल, लैपटॉप, प्रिंटर और अन्य उपकरण सहित इनके सेटअप को जब्त किया गया। पूछताछ में पता चला कि आसिफ अली 2013 में 12वीं पास करने के बाद उझानी में एक यूनानी डॉक्टर के यहां प्रैक्टिस कर रहा है। 2016 में इसने अपने गांव में लोगों को दवाएं देना शुरू किया, लेकिन जल्दी पैसा कमाने के लिए नकली नोट की छपाई का इसे आइडिया आया। इसने सरताज खान को अपने साथ शामिल किया, क्योंकि वह टॉप क्वॉलिटी वाले सॉफ्टवेयर के बारे में जानता था। उसने नकली नोटों को स्कैन करने और छापने के लिए सॉफ्टवेयर खरीदा। इनके पुराने दोस्त दानिश अली ने प्रिंटिंग सेट-अप लगवाने के लिए सहसवान, बदायूं में सीक्रेट ठिकाना दिया। दानिश अली भी यूनानी डॉक्टरी की पढ़ाई कर रहा है। जिसके बाद ये नकली नोट छापकर यूपी समेत अन्य शहरों में इसकी सप्लाई कर रहे थे।

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