दिल्ली में साइबर ठगों ने कर डाला 10 करोड़ का फर्जीवाड़ा

नई दिल्ली। देश में इन दिनों अलग-अलग तरीके से धोखाधड़ी को अंजाम देने वाले शातिर बदमाशों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है। ये थोड़ी सी चूक से ऐसा जख्म देते हैं कि आप जल्दी उबर नहीं सकते। आपकी थोड़ी सी लापरवाही और खजाना खाली। ताजा मामला देश की राजधानी दिल्ली का है। दक्षिण दिल्ली के लोन देने वाली कंपनी लैंडबॉक्स ने दिल्ली पुलिस में एक एफआईआर दर्ज कराई है। कंपनी ने एफआईआर में आरोप लगाया गया है कि ठगों ने सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर 10 करोड़ से अधिक का चूना लगा दिया। इस कथित फर्जीवाड़े में लगभग 457 खातों का उपयोग किया गया। ठगों ने रणनीति के तहत इन खातों में पैसे जमा करवाए और पूरी-पूरी रकम दो बार निकाल लिए। आप सोच रहे होंगे, ऐसा कैसे हो सकता है! हां, यह आसान कतई नहीं है, लेकिन अपराधी तो दिमाग लगाकर ही सिस्टम को मात दिया करते हैं।
इस मामले में पुलिस संदिग्ध खातों के आईपी एड्रेस का भी पता लगा रही है। जांच अफसरों ने बताया कि दिसंबर 2022 और इस साल मार्च के बीच यह फ्रॉड हुआ है। लेंडबॉक्स ने कहा कि यूजर्स हमारे यहां से पैसा जमा करने के बाद उसे कभी भी निकाल सकते हैं। कंपनी ने आगे बताया कि यूजर्स को उस समय के लिए तय दर से ब्याज के साथ पैसा वापस मिल जाता है। ठगों ने एक बार तो सीधे ऐप से पैसा निकाला और फिर भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम में शिकायत भी कर दी पैसे नहीं मिले। इस तर, एनपीसीआई सिस्टम के जरिए उन्होंने दूसरी बार भी पैसे निकाल लिए।
फर्म ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया
फर्म ने अपनी शिकायत में बताया कि हमें हाल ही में अपने प्लैटफॉर्म पार्टनर, मोबिक्विक के माध्यम से पता चला कि कुछ यूजर्स ने पैसा जमा करने के बाद उसी दिन पैसे वापस लेने की रिक्वेस्ट की थी। ठगों ने सिस्टम का कैसे नाजायज फायदा उठाया, इसकी बानगी देखिए। उन्होंने सारे पैसे यूपीआई के जरिए जमा कराए। चूंकि यूपीआई से ट्रांसजैक्शन एनपीसीआई के कंट्रोल में होता है, इसलिए ठगों ने यह रास्ता अख्तियार किया। नियम है कि अगर पैसा जमा कराने वाला, पैसा वापस लेना चाहता है और कंपनी उसे पैसे नहीं देती है तो एनपीसीआई संबंधित बैंक या कंपनी को पैसे वापस देने का निर्देश दे सकता है। ठगों ने पैसे मिलने के बावजूद एनपीसीआई से पैसा वापस दिलाने की गुहार लगाई। उधर, लैंडबॉक्स की तरफ से भी लापरवाही हुई। ठगों को पता चला कि एनपीसीआई के पास किए गए उनके झूठे दावों पर लैंडबॉक्स ने आपत्ति नहीं जताई तो उन्होंने यही तरीका बार-बार दुहराया।
एनपीसीआई के दिशानिर्देश
एनपीसीआई ने आधार-इनेबल्ड पेमेंट सिस्टम के सभी प्लैटॉफॉर्मस को गाइडलाइंस जारी किए हैं। दिशा-निर्देशों में यह प्रावधान है कि यदि निर्धारित समय के भीतर पैसे वापस देने के अनुरोध पर यूजर को कोई प्रतिक्रिया नहीं मिलती है, तो ऐसे अनुरोधों को स्वीकृत माना जाएगा। जांच के दौरान, यह सामने आया कि मोबिक्विक के माध्यम से रिफंड अनुरोध करने के साथ-साथ ठग एनपीसीआई से भी पैसे वापस दिलाने का आग्रह कर रहे थे।

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