यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में नकल कराने वाले गिरोह का भंडाफोड़, एसटीएफ ने एक आरोपी को किया गिरफ्तार

नोएडा। उत्तर प्रदेश पुलिस सिपाही भर्ती परीक्षा में पिछले दिनों प्रदेश भर से फर्जी अभ्यार्थियों को पकड़ा गया है। पुलिस की तमाम यूनिट प्रदेश में परीक्षा के दौरान मुस्तैदी से नकल कराने वाले कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। इसी कड़ी में यूपी भर्ती और प्रोन्नति बोर्ड की ओर से 17-18 फरवरी 2024 को आयोजित की गई सिपाही पुलिस भर्ती की लिखित परीक्षा में सेंधमारी कर पेपर आउट कराने वाले गिरोह के एक सक्रिय सदस्य को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी कर्मचारी चयन आयोग, दिल्ली की ओर से संचालित केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आरक्षी की ऑनलाइन परीक्षा में भी धांधली कराता था।
आरोपी की पहचान प्रवीण उर्फ मिंटू बालियान निवासी मुजफ्फरनगर के रूप में हुई है। इसके कब्जे से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आरक्षी की 2024 की परीक्षा से संबंधित 9 एडमिट कार्ड, एक मोबाइल फोन, तीन एटीएम कार्ड और एक हस्तलिखित यूपी पुलिस भर्ती से जुड़े प्रश्न पत्र आदि बरामद हुआ है। यह कार्रवाई नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा के नेतृत्व में गठित टीम ने की है। एसटीएफ ने आरोपी को मुजफ्फरनगर पुलिस की मदद से गिरफ्तार कर लिया है।
नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि ये शातिर किस्म का आरोपी है। उन्हें जानकारी मिली कि यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा का पेपर आउट कराने वाला और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आरक्षी की ऑनलाइन परीक्षा में धांधली कराने वाले गैंग के सदस्य कस्बा शाहपुर में मौजूद है। इसके बाद मुखबिर की सूचना पर मुज्जफरनगर के थाना शाहपुर के कस्बा शाहपुर के बस स्टॉप के पास गुरुवार की शाम पौने 6 बजे के करीब गिरफ्तार किया गया है।
नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने आगे बताया कि पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी प्रवीण ने बताया कि जब वह वर्ष 2008-09 में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कस्बा शाहपुर में कर रहा था तो वहां पर गाजियाबाद के राजनगर एक्सटेंशन निवासी अन्नू मलिक आता था। जो पूर्व से ही पैसा लेकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली करने का गैंग चलाता था। उसने भी मलिक के साथ मिलकर इन परीक्षाओं में धांधली करना शुरू कर दिया। आरोपी प्रवीण का विपिन निवासी सरूरपुर बागपत रिश्तेदार है, जो वर्ष 2012 में सेना से रिटायर हुआ है। वह भी रिटायर होने के बाद इन प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली कराने के काम में संलिप्त हो गया। आरोपी प्रवीण और विपिन अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गैंग बनाकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पैसा लेकर धांधली करने का काम करने लगे।
नोएडा एसटीएफ यूनिट के एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने आगे बताया कि वर्ष 2017 में इब्राहिम पुर जनपद बागपत निवासी इंद्र प्रताप सिंह को सीएचएससी व सीएचएसएल की परीक्षा में पास कराने के लिए दो लाख रुपये आरोपी प्रवीण और उसके साथियों ने लिये थे। लेकिन काम न होने के कारण इंद्र प्रताप सिंह ने इन लोगों के खिलाफ मुज्जफरनगर के थाना शाहपुर पर केस दर्ज कराया था। इसके अलावा प्रवीण का एक रिश्तेदार कपिल तोमर निवासी बागपत भी इनके साथ मिलकर इन परीक्षाओं में धांधली करने का काम करता है। बीते 17 फरवरी को गाजियाबाद के परीक्षा केंद्र से आरोपी गुरुवचन और राजकुमार को गिरफ्तार किया गया था। जिनके फोन से यूपी पुलिस आरक्षी की परीक्षा का 18 फरवरी की दूसरी पाली का प्रश्न पत्र बरामद हुआ था।
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि जांच के बाद मालूम हुआ कि यह प्रश्न पत्र कपिल तोमर ने गुरुवचन आदि को उपलब्ध कराया गया था। कपिल की गिरफ्तारी के बाद यह तथ्य प्रकाश में आया कि कपिल को इस कथित प्रश पत्र आरोपी प्रवीण एवं विपिन की ओर से उपलब्ध कराया गया था। इस परीक्षा के परीक्षार्थियों को परीक्षा पत्र उपलब्ध कराने की एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी से पांच लाख रुपये लेना तय हुआ था। लेकिन परीक्षा निरस्त हो जाने की वजह से आरोपी अभ्यार्थियों से पैसा प्राप्त नही कर पाये। वर्तमान में कर्मचारी चयन आयोग, दिल्ली की ओर से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल में आरक्षी जीडी की ऑनलाइन परीक्षा देशभर में विभिन्न परीक्षा केंद्रों पर संचालित की जा रही है। इस परीक्षा में भी आरोपी प्रवीण और विपिन आदि धांधली कराने में संलिप्त हैं।
एडिशनल एसपी राजकुमार मिश्रा ने आगे बताया कि आरोपी प्रवीण से विभिन्न परीक्षार्थियों के एडमिट कार्ड बरामद हुए है। अभ्यार्थियों को नकल कराने के लिए उत्तर कुंजिका देकर परीक्षा में पास कराने के लिए प्रत्येक अभ्यर्थी से चार लाख रुपये लेना तय हुआ था। गिरफ्तार आरोपी प्रवीण की अन्य गतिविधियों के संबंध में जानकारी की जा रही है। इसके खिलाफ जनपद मुज्जफरनगर के थाना शाहपुर पर धारा-418/467/468/471/120 बी और 3/9 उ.प्र. सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम-1998 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। अग्रिम विधिक कार्यवाही स्थानीय पुलिस की ओर से की जा रही है।

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