दो माह से दारोगा ने नहीं दी थी सैलरी, इसलिए कर दी हत्या

फिरोजाबाद,(उत्तर प्रदेश)। फिरोजाबाद में गुरुवार रात अरांव थाने में तैनात 55 वर्षीय दारोगा दिनेश मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उन्हें गंभीर रूप से घायल अवस्था में ट्रॉमा सेंटर लाया गया था। काफी प्रयास के बाद भी उनकी जान नहीं बच सकी थी। हालातों और प्रारंभिक बयानों के आधार पर ही पुलिस को घटना के समय दारोगा के साथ मौजूद आगरा के कालिंदी बिहारी निवासी धीरज शर्मा पर शक था। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो वो पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन सर्विलांस के जरिए मोबाइल की काल डिटेल निकालने के बाद पुलिस को वारदात में उसी का होने यकीन हो गया। इसके बाद उससे सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने हत्या की बात कबूल कर ली।
एसपी ग्रामीण रणविजय सिंह ने बताया कि पूछताछ में धीरज ने बताया कि वह मूल रूप से ग्राम नगला केवल, कन्थरी थाना शिकोहाबाद जिला फिरोजाबाद का रहने वाला है। उसके पिता पुलिस विभाग में उप निरीक्षक के पद से रिटायर हुए थे, जिन्होंने कालिन्दी विहार आगरा में मकान बनवाया हुआ है। वर्तमान में आरोपी वही अपनी मां और छोटे भाई के साथ रह रहा है। नौकरी न मिलने पर उसने एक समाचार पत्र में विज्ञापन विभाग में नौकरी की। कुछ समय के बाद वहां से नौकरी छूट गई। उसके बाद एक ट्रान्सपोर्टर के यहां नौकरी शुरू की। जहां करीब 6 वर्ष तक नौकरी की।
आरोपी ने बताया कि शादी के बाद शराब पीने की लत की वजह से पत्नी भी छोड़ कर चली गई। मेरी एक बच्ची है, जिसकी उम्र 7 वर्ष है, जो अपनी दादी (मेरी मां) के साथ आगरा में रहकर पढ़ाई कर रही है। 6 माह से मैं मृतक दारोगा दिनेश कुमार मिश्रा के साथ रहकर उनका खाना बनाना, कपड़े धोना और अन्य घरेलू कार्य किया करता था। जिसके एवज में दारोगा जी मुझे खाना पीना और खर्चा इत्यादि के पैसे दिया करते थे। विगत दो माह से उन्होंने मुझे कोई पैसा नहीं दिया था। मैंने अपनी बेटी की किताब और फीस के लिए पैसे मांगे तो उन्होंने मुझे मना कर दिया। इससे नाराज होकर उनकी हत्या कर दी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button