एटीएम में नकली नोट जमा करने की कोशिश, कमीशन के लालच में जेल की सलाखों के पीछे पहुंचे दो युवक

गोरखपुर/उत्तर प्रदेश। नकली नोट खपाने के लिए युवक ने दूसरे के नाम से खाता खुलवाया, फिर उसका एटीएम कार्ड और पिन नंबर रख लिया। इसके बाद एक्सिस बैंक के एटीएम में नाबालिग को भेजकर उसने 2500 रुपये जमा कराए, जिसमें 100 के पांच नोटों को मशीन ने अलग कर दिया। बैंक कर्मियों को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने रामढ़ताल थाने में केस दर्ज कराया। जांच करते हुए पुलिस ने भगत चौराहा निवासी मुख्य आरोपित समेत दो युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ के बाद शनिवार को न्यायालय में पेश करते हुए जेल भेज दिया। घटना 20 मार्च की है। तारामंडल स्थित एक्सिस बैंक के एटीएम में 100-100 के पांच नकली नोट जमा किए गए थे। रुपये जमा करते समय एटीएम में लगे सेंसर ने नोटों की पहचान करते हुए उसे अलग कर दिया। 23 मार्च को जब बैंक के कर्मचारी एटीएम के डिपाजिट कैश को निकालने पहुंचे तो उन्हें पांच नकली नोट मिले।
कर्मचारियों ने इसकी शिकायत आरबीआई को मेल के माध्यम से की तो जबाब आया कि दो से तीन नोट होते तो माना जा सकता है कि गलती से किसी को मिले होंगे, लेकिन 2500 रुपये में पांच नकली नोट मिलने से, जानबूझकर काम किया गया है। आरबीआई का जवाब आने के बाद एक्सिस बैंक तारामंडल के ऑपरेशन हेड ने 25 मार्च को रामगढ़ताल थाने में तहरीर दी।
थानाध्यक्ष नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव ने बताया कि मामले की जांच करते हुए चौकी प्रभारी आजाद चौक आशुतोष राय ने जिस खाते में रुपये जमा किए गए, उस युवक की पहचान रानीबाग बड़गो निवासी अभिषेक शुक्ला के रूप में की। पुलिस ने अभिषेक शुक्ला को हिरासत में लेकर जब पूछताछ शुरू की तो मुख्य आरोपित भगत चौराहा न्यू कालोनी निवासी आशुतोष त्रिपाठी का नाम सामने आया। पूछताछ में आशुतोष ने बताया कि उसने कमीशन की बात पर अभिषेक के नाम से खाता खुलवाया था, उसका एटीएम कार्ड और पिन नंबर अपने पास रख लिया था।
इसके बाद एटीएम में लगे सीसी कैमरे से बचने के लिए उसने नाबालिग को कुछ रुपये देकर 2500 रुपये जमा करने को भेजा, जिसमें पांच नोट नकली थी। इस संबंध में एसपी सिटी निमिस पाटिल ने बताया कि नकली नोट के मामले में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें जिस युवक का खाता खुलवाया गया था, उसे मालूम था कि उसके खाते में नकली नोट जमा किए जाएंगे, लेकिन कमीशन के चक्कर में उसने घटनाक्रम की जानकारी किसी को नहीं दी, लेकिन पहले प्रयास में ही दोनों पकड़ में आ गए। नकली नोट कहां से लाए थे, इसकी जांच पुलिस कर रही है।
असली नोट को स्कैन कर बनाए थे नकली नोट
बैंक कर्मी और पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने जो नकली नोट जमा किए थे, उसे कहीं छपवाया नहीं गया था। असली नोट को रंगीन प्रिंट में स्कैन कराया था, इसके बाद बाहर से हरे रंग का पतला स्टीकर चिपकाया था। इसके लिए आरोपितों ने पतले पेपर का इस्तेमाल किया था। बैंककर्मियों ने बताया कि हाथ में नोट को लेते ही पता चल जा रहा है कि नकली है, उस पर लगाया गया स्टीकर भी निकल जा रहा है। यही कारण है कि आरोपितों द्वारा एटीएम के डिपाजिट मशीन से रुपये को खाते में जमा कराने की कोशिश की गई। लेकिन, मशीन में लगे सेंसर ने पकड़ लिया।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button