पश्चिम बंगाल के पूर्व राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी पंचतत्व में विलीन

 प्रयागराज,(उत्तर प्रदेश)। पश्चिम बंगाल और बिहार के पूर्व राज्यपाल पंडित केसरी नाथ त्रिपाठी का रविवार को यहां उनके निवास पर निधन हो गया। प्रयागराज के दारागंज घाट पर उनके पुत्र अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी ने पार्थिव शरीर को मुखाग्नि दी। वह 88 वर्ष के थे। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को यहां पंडित केसरी नाथ त्रिपाठी के पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री यहां सिविल लाइंस स्थित केसरी नाथ त्रिपाठी के घर करीब आधा घंटे तकरहे और उन्होंने उनके बेटे नीरज त्रिपाठी और बहू कविता यादव त्रिपाठी से मिलकर उन्हें सांत्वना दी।

योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से कहा, “केसरी नाथ त्रिपाठी जी भाजपा के वरिष्ठ नेता थे। वह एक विचारवान वरिष्ठ कार्यकर्ता थे और पार्टी ने उन्हें जो भी दायित्व सौंपा, उन्होंने सफलतापूर्वक उसका निर्वहन किया।” मुख्यमंत्री ने कहा, “पंडित त्रिपाठी एक विचारधारा के प्रति प्रतिबद्ध थे और उन्होंने एक कुशल विधि विद्, भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और राज्यपाल के तौर पर सभी दायित्वों का कुशल निर्वहन किया। आज प्रातः वह अपने भौतिक देह को छोड़कर परम धाम की यात्रा पर चले गए। इस अवसर पर प्रदेश सरकार और प्रदेश की जनता की ओर से उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मैं यहां आया हूं।”

केसरी नाथ त्रिपाठी की बहू कविता यादव त्रिपाठी ने बताया कि उत्तर प्रदेश विधानसभा के तीन बार अध्यक्ष रहे केसरी नाथ त्रिपाठी हाल ही में घर में गिर गए थे जिससे उनकी कंधे की हड्डी टूट गयी थी। उन्होंने बताया, हालांकि तीन दिन पहले वह अस्पताल से घर आ गए थे और आज सुबह पांच बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। पंडित केसरी नाथ त्रिपाठी को श्रद्धांजलि अर्पित करने उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, सांसद रीता बहुगुणा जोशी और कई विधायक एवं वरिष्ठ अधिवक्ता उनके आवास पर पहुंचे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केसरी नाथ त्रिपाठी के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें उत्तर प्रदेश में भाजपा को मजबूती प्रदान करने वाला एक प्रमुख नेता बताया। मोदी ने ट्वीट किया, “श्री केसरी नाथ त्रिपाठी जी अपने सेवा और बौद्धिकता के लिए जाने जाते थे। वह संवैधानिक मामलों में दक्ष थे। उन्होंने यूपी में भाजपा को बनाने में अहम भूमिका अदा की और राज्य की प्रगति के लिए कठिन मेहनत की। उनके निधन से काफी पीड़ा हुई। उनके परिजनों और प्रशंसकों को सांत्वना। ओम शांति” इलाहाबाद (वर्तमान में प्रयागराज)में 10 नवंबर, 1934 को जन्मे केसरी नाथ त्रिपाठी जुलाई, 2014 से जुलाई 2019 तक पश्चिम बंगाल के राज्यपाल रहे।

इससे पूर्व, उनके पास कुछ समय तक बिहार, मेघालय और मिजोरम के राज्यपाल का अतिरिक्त प्रभार रहा। वह छह बार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे और जनता पार्टी के कार्यकाल में 1977 से 1979 तक संस्थागत वित्त एवं बिक्री कर के कैबिनेट मंत्री थे। कवि और लेखक त्रिपाठी ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय में वरिष्ठ अधिवक्ता के तौर पर वकालत की और कुछ समय के लिए उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष रहे। रविवार शाम को दारागंज घाट पर उनके अंतिम संस्कार में सांसद रीता बहुगुणा जोशी और नगर के गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।

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