बरेली लेखपाल हत्‍या मामले में दो गिरफ्तार

4 लाख की फिरौती के लिए किया अगवा, हत्‍या के बाद नाले में फेंका शव

  • बरेली में 45 वर्षीय लेखपाल मनीष कश्यप की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है
  • मनीष कश्यप 27 नवंबर से लापता थे, और उनका क्षत-विक्षत शव 3 दिसंबर को एक नाले के पास मिला
  • आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने मनीष का अपहरण चार लाख रुपये की फिरौती के लिए किया था

बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली में 45 वर्षीय लेखपाल मनीष कश्‍यप की हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। सोमवार को एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया इस बारे में जानकारी दी। लेखपाल मनीष 27 नवंबर से लापता थे, उनका क्षत-विक्षत शव रविवार को छावनी क्षेत्र के बभिया गांव में एक नाले के पास मिला था।आर्य ने बताया कि इस मामले में रविवार को ही गिरफ्तार ओमवीर उर्फ अवधेश और उसके रिश्तेदार नन्हे कश्यप ने पूछताछ के दौरान अपना अपराध स्वीकार किया है। उन्‍होंने बताया कि 27 नवंबर को चार लाख रुपये की फिरौती के लिए मनीष का अपहरण किया था।
एसएसपी ने बताया कि बरामद शव मनीष का है लेकिन वैज्ञानिक पुष्टि के लिए उसका डीएनए परीक्षण कराया जाएगा। यह भी पता चला कि ओमवीर को मनीष पहले से जानता था। आर्य ने बताया कि ओमवीर हाल ही में जेल से रिहा हुआ था और आर्थिक संकट से जूझ रहा। इसी कारण उसने कश्यप का अपहरण करने और बाद में उसकी हत्या करने की योजना बनाई थी। पुलिस को उसके मोबाइल से दो ऑडियो क्लिप भी मिली हैं।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया, ‘गत 27 नवंबर को अपहरण के बाद उसी रात मनीष की हत्या कर दी गई थी और शव नाले में फेंक दिया गया था। पानी में जलकुंभी होने के कारण शव राहगीरों को दिखाई नहीं दिया। बाद में सियार और जानवरों ने शव को क्षत-विक्षत कर दियाया। तालाब से शव की खोपड़ी और कंकाल के अन्य हिस्से बरामद किये गये।’
उन्होंने बताया कि घटना में शामिल दो अन्य आरोपी सूरज और नेत्रपाल फरार हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक फरीदपुर तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात कश्यप गत 27 नवंबर को ड्यूटी के लिए घर से निकले थे, जिसके बाद से वह लापता हो गए थे। कश्यप की मां मोरकली ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्‍होंने खल्लपुर गांव के एक स्थानीय प्रतिनिधि और उसके साथियों पर बेटे का अपहरण करने का आरोप लगाया था।
बरेली जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) रमित शर्मा के आदेश पर फरीदपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच में पहले पता चला था कि कश्यप की हत्या फरीदपुर के कपूरपुर गांव में जमीन की पैमाइश के विवाद से जुड़ी थी। कश्यप जमीन की पैमाइश कर रहा था, तभी आरोपियों को उस पर विरोधी पक्ष की तरफदारी करने का शक हुआ था।
इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर जारी पोस्ट में कहा, ‘बरेली में कई दिनों से लापता लेखपाल का सिर नाले में मिलने के बाद परिजनों ने उत्तर प्रदेश के अंदर चल रही उस सांठगांठ पर अंदेशा जताया है जिसके एक छोर पर सरकारी भ्रष्टाचार है और दूसरे छोर पर भूमाफिया। भूमाफिया ही उत्तर प्रदेश की सरकार चला रहे हैं, बाकी सब तो चेहरे हैं।’

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button