माथे पर तिलक, भीमसेन की पूजा, विजयादशमी पर गोरखपीठ में दिखा योगी आदित्‍यनाथ अलग रूप

गोरखपुर,(उत्तर प्रदेश)। योगी आद‍ित्‍यनाथ प्रदेश के मुख्‍यमंत्री होने के साथ-साथ गोरक्षपीठाधीश्‍वर भी हैं। दशहरे पर उनका एक अलग ही रूप लोगों को देखने को मिला। हालांकि, पूरे नवरात्र के दौरान उन्‍होंने नव दुर्गाओं की आरती-वंदन किया। नवमी को कन्‍याओं को भोजन भी कराया। दशहरे पर ही गोरखनाथ मंदिर में तिलकोत्‍सव कार्यक्रम का आयोजन भी होता है। देखें इस कार्यक्रम की कुछ अनदेखी तस्‍वीरें।

गोरखनाथ मंदिर में तिलकोत्‍सव कार्यक्रम

विजयादशमी के पावन पर्व पर मंगलवार दोपहर में गोरखनाथ मंदिर के तिलक हाल में पारंपरिक तिलकोत्सव कार्यक्रम का आयोजन हुआ। साधु-संतों, श्रद्धालुओं ने गोरक्षपीठाधीश्वर योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाकर प्रणाम किया। गोरक्षपीठाधीश्वर ने भी तिलक लगाकर उन्हें आशीर्वाद दिया।

​योगी को लगाया संतों ने तिलक

तिलकोत्सव कार्यक्रम में सबसे पहले पीठ से जुड़े योगी, संत, पुजारी, पुरोहित आदि ने मंगल पाठ के बीच योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाया। नाथ पंथ की विशिष्ट परंपरा के अनुसार उन्हें दंडवत प्रणाम किया। उसके बाद तिलक लगाने की बारी गृहस्थ श्रद्धालुओं की थी।

​तिलक लगाने वालों में राजनेता भी शामिल

सीएम योगी को तिलक लगाकर आशीर्वाद लेने वालों में मंदिर के प्रधान पुजारी योगी कमलनाथ, योगी शांतिनाथ, योगी धर्मेन्द्रनाथ, योगी रामनाथ, प्रदेश सरकार के कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही, सांसद रवि किशन, विधायक विपिन सिंह शामिल थे।

गोशाला में भी पहुंचे योगी

तिलकोत्‍सव कार्यक्रम के बीच में सीएम योगी आदित्‍यनाथ मंदिर परिसर में मौजूद गोशाला में पहुंचे। वहां उन्‍होंने गोवंश को तिलक किया। सीएम योगी का गोवंश से जुड़ाव और सम्‍मान का भाव किसी से छिपा नहीं है।

​लेटे हुए भीम की प्रतिमा का किया पूजन

मंदिर में ही लेटे हुए भीम की प्रतिमा है। योगी आदित्‍यनाथ ने यहां भी पूजन किया। इसके बारे में पौराणिक आख्‍यान है कि महाभारत में विजय के बाद युधिष्ठिर का राज्‍याभिषेक होना था। महाबली भीम को गुरु गोरक्षनाथ को आमंत्रित करने के लिए भेजा गया। जब वह यहां आए तो देखा कि गोरखनाथ साधना में लीन थे। भीम यहां लेट कर उनका इंतजार करने लगे और सो गए।

​भीम ताल में मछलियों को भी चारा डाला

गोरखनाथ मंदिर में भीम के मंदिर के पास ही एक तालाब या सरोवर है। इसे भीम सरोवर भी कहते हैं। कहा जाता है कि जब भीम यहां आए और प्‍यास लगी तो उन्‍होंने अपने पैर के अंगूठे से पृथ्‍वी को दबाया और यह सरोवर बन गया। इसके बाद भीम ने अपनी प्‍यास बुझाई और लेटकर सो गए। मंगलवार को सीएम योगी ने सरोवर रहने वाली मछलियों को भी चारा डाला।

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