महंत और समर्थकों ने की पुलिसकर्मियों को जिंदा जलाने की कोशिश, दो के सिर फोड़े, 17 के खिलाफ केस

गाजियाबाद ब्यूरो। हिंडन विहार शिव मंदिर बालाजी धाम के महंत मछेंद्रनाथपुरी और उनके 16 समर्थकों ने पुलिसवालों को जिंदा जलाने की कोशिश की। इसी के साथ महंत ने आत्मदाह का प्रयास किया। पुलिसवालों ने खुद को बचाते हुए उन्हें रोका तो वह हिंडन में कूदने चल दिए। इस बार रोका गया तो उन्होंने और समर्थकों ने दो पुलिसवालों के सिर फोड़ दिए और चार की वर्दी फाड़ दी। ये संगीन आरोप लगाते हुए पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर महंत और 16 समर्थकों को गिरफ्तार कर लिया। बृहस्पतिवार दोपहर को सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि महंत और समर्थकों ने यह बवाल अपहरण के आरोपी इमरान मलिक की गिरफ्तारी के लिए किया। इमरान पर महंत के शिष्य राहुल चौधरी के अपहरण का आरोप है। अर्थला निवासी राहुल ने ही इमरान के खिलाफ केस दर्ज कराया था। पुलिस मामले की जांच कर रही है। वह 28 जुलाई को लापता हुआ था।हालांकि, महंत इस मामले में नहीं, बल्कि मारपीट के अन्य केस में नंदग्राम थाने पहुंचे थे। यह मामला एक गाड़ी के चालक ओमपाल और उनके समर्थकों के बीच का था। ओमपाल ने समर्थकों पर पिटाई करने का आरोप लगाया था। महंत ओमपाल पर कार्रवाई की मांग करते-करते इमरान की गिरफ्तारी के लिए धरना-प्रदर्शन करने लगे। थाना प्रभारी से इमरान की गिरफ्तारी का आश्वासन मिलने पर वह मंदिर लौट गए।

महंत ने मंदिर से रात ढाई बजे वीडियो जारी कर कहा कि अगर एक घंटे में इमरान की गिरफ्तारी न हुई तो वह आत्मदाह कर लेंगे। एक समुदाय के लोगों को नुकसान पहुंचाने की बात भी कही। इस पर पुलिस मंदिर पहुंची थी। आरोप है कि मंदिर के बाहर महंत ने पुलिसवालों और खुद पर डीजल डाल दिया और माचिस जलाने लगे। समर्थकों ने इसमें महंत का सहयोग किया। पुलिसवालों ने किसी तरह महंत से माचिस छीन ली। इसके बाद महंत हिंडन में कूदने की धमकी देकर भाग गए। उन्हें रोका गया तो उन्होंने और समर्थकों ने पुलिसवालों पर हमला कर दिया। नंदग्राम थाना प्रभारी मुनेंद्र कुमार, हैड कांस्टेबल संजय पुंडिर, कांस्टेबल आयुश महामुनी और कांस्टेबल विकास मलिक की वर्दी फाड़ दी। हेड कांस्टेबल संजय पुंडिर और कांस्टेबल आयुश महामुनी का सिर फोड़ दिया। दोनों घायलों को भर्ती कराया गया है।
बुधवार रात करीब आठ बजे हिंडन विहार में बालाजी धाम के पास ओमवाल गाड़ी लेकर जा रहा था। उसकी गाड़ी की स्कूटी सवार महिला से टक्कर हो गई। चालक और महिला के बीच कहासुनी होने के बाद समझौता हो गया। इसी दौरान ओमपाल वहां से लौटने लगा तो वहीं हरित पट्टी में पौधे लगा रहे मछेंद्रनाथपुरी के समर्थकों ने उससे अभद्रता की। ओमपाल का कहना है कि उन्होंने अभद्र भाषा का इस्तेमाल करके इस क्षेत्र में आने से मना किया और पीटने लगे। इस मामले में मछेंद्रनाथ पुरी अपने समर्थकों के साथ नंदग्राम थाने पहुंचे थे। ओमवाल ने मछेंद्रनाथ और समर्थकों के खिलाफ बलवा मारपीट और गंभीर रूप से चोट पहुंचाने का केस दर्ज कराया है।
एसपी सिटी निपुण अग्रवाल ने बताया कि पुलिस ने महंत और समर्थकों के खिलाफ जानलेवा हमला, गंभीर रूप से चोट पहुंचाना, आत्महत्या का प्रयास करना, सरकारी काम में बाधा डालना, बलवा, दो समुदायों में वैमनस्य पैदा करने की कोशिश करने सहित 13 धाराएं और अपराधिक कानून (संशोधन) अधिनियम 1932 के तहत केस दर्ज किया है।
जेल भेजे गए 17 आरोपियों में से तीन अलीगढ़ के गभाना के हैं। ये हैं मछेंद्रनाथ पुरी, ब्रहमानंद और मनोज कुमार, एक दिल्ली के शाहदरा का जितेंद्र कुमार है। 13 गाजियाबाद के हैं। इनमें 11 नंदग्राम के हैं,  विक्रांत, रविंद्र, विशु चौधरी, आकाश, विक्रम,आर्यन, दिनेश प्रताप, गौरव चौधरी, विनय राणा, विनोद सैनी और गोलू तोमर। हार्दिक पुरी संजय नगर और राहुल चौधरी अर्थला का है। बवाल के बाद हिंडन विहार में तनाव पैदा हो गया। इसके मद्देनजर पुलिस तैनात कर दी गई है।

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