गाजियाबाद में यूट्यूबर का दिनदहाड़े अपहरण, स्मार्टवॉच की मदद से मथुरा में बदमाशों तक पहुंची पुलिस
YouTuber kidnapped in broad daylight in Ghaziabad, police reached the criminals in Mathura with the help of smartwatch

गाजियाबाद। राष्ट्रीय राजमार्ग-9 पर गुरुवार सुबह साढ़े 11 बजे कार सवार बदमाशों ने पिस्टल के बल पर गेमिंग ऐप संचालक का उनकी ही कार में अपहरण कर लिया और मथुरा की ओर ले गए। युवक की स्मार्ट वॉच से लोकेशन मिलने पर गाजियाबाद पुलिस ने मथुरा पुलिस को सूचना दी। मुठभेड़ के बाद मथुरा पुलिस ने गेमिंग ऐप संचालक को बदमाशों के चंगुल से छुड़ा लिया। वहीं, गाजियाबाद पुलिस ने अपहरण के मास्टर माइंड को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि, चार आरोपी अभी फरार हैं।डीसीपी सिटी राजेश कुमार के मुताबिक, चिपियाना में रहने वाले प्रवीण चौधरी गुरुवार सुबह करीब साढ़े 11 बजे अस्पताल में भर्ती अपने पिता को देखने फॉर्च्युनर से जा रहे थे। एबीईएस के सामने पेट्रोल पंप के पास इको स्पोर्ट्स कार सवार बदमाशों ने उनकी गाड़ी में पीछे से टक्कर मारी। फिर माफी मांगते हुए कार का दरवाजा खुलवा लिया। इसके बाद पिस्टल के बल पर बंधक बनाकर उन्हें कार में डाल लिया और मथुरा की ओर निकले। रास्ते में मारपीट कर 50 लाख रुपये मंगवाने के लिए कहा। प्रवीण अस्पताल नहीं पहुंचे तो परिजनों ने फोन किया, लेकिन उनका नंबर बंद था। शाम 5 बजे परिजनों ने सूचना पुलिस को दी। परिजनों से प्रवीण के पास स्मार्ट वॉच होने की जानकारी मिली। पुलिस ने लोकेशन निकाली तो वह मथुरा में फरह थाना क्षेत्र की आई। मथुरा पुलिस के सहयोग से पीड़ित को कार समेत छुड़ा लिया गया। पुलिस ने उनकी कार से गौर सिटी निवासी मनीष को गिरफ्तार किया है। जबकि, एक मथुरा के फरह थानाक्षेत्र के गढ़ी बैरी निवासी सुरेंद्र उर्फ सौरभ को मथुरा पुलिस ने मुठभेड़ के बाद पकड़ा है।
एसीपी कोतवाली रितेश त्रिपाठी के अनुसार, आरोपी मनीष ने पूछताछ में बताया कि प्रवीण यूट्यूबर हैं। उनके तीन लाख सब्सक्राइबर हैं। प्रवीण ने इंस्टाग्राम पर एक गेमिंग ऐप का प्रमोशन किया था। इसके बाद मनीष के कहने पर दिल्ली निवासी राहुल गुप्ता ने ऐप में रुपये लगाए थे, जिनमें से करीब डेढ़ करोड़ डूब गए। राहुल ने यह रकम वापस पाने के लिए प्रवीण के अपहरण की योजना बनाई। इसकी जिम्मेदारी मनीष को सौंपी थी। मनीष पीड़ित के घर के पास ही रहता है। मनीष ने मथुरा से 4 बदमाश बुलाए। इसमें सुरेंद्र, पुष्पेंद्र, हितेश चौधरी और मनोज शामिल थे। एक दिन पहले उन्हें स्थानीय होटल में ठहराया गया था। मनीष और सुरेंद्र के अलावा 4 अन्य बदमाश फरार हैं। प्रवीण चौधरी कोरोनाकाल से पहले एक कंपनी में इंजीनियर थे। कोरोना काल में उनकी जॉब चली गई। इसके बाद उन्होंने गेमिंग ऐप बनाया और यूट्यूबर बन गए।




