बजट 2025: ‘भारत के सपने को पूरा करने वाला बजट’, पीएम मोदी ने की निर्मला सीतारमण की तारीफ
वित्त मंत्री के भाषण में 64 बार हुआ टैरिफ शब्द का जिक्र

नई दिल्ली/एजेंसी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारण ने आज लोकसभा में बजट पेश किया। बजट में इनकम टैक्स की सीमा को बढ़ाकर जहां मिडिल क्लास को राहत दी गई है, वहीं कई और बड़े एलान किए गए हैं। वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने बजट पेश होने के बाद देश को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बजट में टूरिज्म पर ज्यादा जोर दिया गया है और यह भारत के सपने को पूरा करने वाला बजट है। उन्होंने कहा कि इससे मिडिल क्लास को बहुत फायदा मिलेगा।
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज भारत के विकास यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। ये 140 करोड़ भारतीयों के आकांक्षाओं का बजट है, ये हर भारतीय के सपनों को पूरा करने वाला बजट है। हमने कई सेक्टर युवाओं के लिए खोल दिए हैं। ये विकसित भारत के मिशन को ड्राइव करने वाला है।’ उन्होंने कहा कि ‘आमतौर पर बजट का फोकस इस बात पर रहता है कि सरकार का खजाना कैसे भरेगा, लेकिन ये बजट उससे बिलकुल उल्टा है। ये बजट, देश के नागरिकों की जेब कैसे भरेगा, देश के नागरिकों की बचत कैसे बढ़ेगी और देश के नागरिक विकास के भागीदार कैसे बनेंगे… ये बजट इसकी एक बहुत मजबूत नींव रखता है।’
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की टैरिफ धमकियों का भारत के 2025-2026 के केंद्रीय बजट पर कुछ प्रभाव पड़ता दिख रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपना लगातार 8वां बजट पेश किया और अपनी तरह का एक इतिहास रच दिया। भाषण के दौरान, सीतारमण ने उल्लेख किया कि भारत दुनिया की सभी प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था बनी हुई है। बजट का एक महत्वपूर्ण पहलू यह था कि इसमें ऐसे उपाय प्रस्तावित किए गए जो दुनिया भर में चल रही अनिश्चितताओं के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने पर केंद्रित थे। 2024 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव जीतने के बाद, ट्रम्प कई देशों और अंतर्राष्ट्रीय गुटों पर टैरिफ लगाने की धमकी दे रहे हैं।
ट्रम्प ने अक्सर ब्रिक्स देशों के खिलाफ उच्च टैरिफ की धमकी दी है, जिसमें भारत भी शामिल है। नई दिल्ली ट्रम्प की धमकियों से खुद को बचाने के लिए वस्तुओं पर टैरिफ को पहले से कम करने की कोशिश कर रही है। यह पूछे जाने पर कि क्या ट्रम्प की चेतावनियों का बजट पर कोई असर पड़ा, खासकर आयकर स्लैब में तो सीतारमण ने साफ किया कि किया कि लोगों की आवाज बजट की प्राथमिकता है।
सरकार ने शनिवार को निर्यात बढ़ाने के लिए 2,250 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन की स्थापना की घोषणा की है। इस मिशन को वाणिज्य, एमएसएमई और वित्त मंत्रालयों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित किया जाएगा। 2025 के बजट में सीतारमण ने निर्यात प्रोत्साहन मिशन का प्रस्ताव रखा, जिसे वाणिज्य, एमएसएमई और वित्त मंत्रालय संयुक्त रूप से संचालित करेंगे। इस पहल का उद्देश्य विदेशी बाजारों में गैर-टैरिफ उपायों से निपटने के लिए निर्यात ऋण, सीमा पार फैक्टरिंग समर्थन और एमएसएमई को आसान पहुंच प्रदान करना है। यह मिशन न केवल विनिर्माण क्षेत्र को सहायता प्रदान करेगा बल्कि उन्हें अंतर्राष्ट्रीय बाजार में अपनी उपस्थिति का विस्तार करने के लिए प्रोत्साहन भी देगा। बजट की घोषणाओं से कपड़ा, समुद्री, खिलौने और चमड़ा जैसे क्षेत्रों में घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी।
जुलाई 2024 के बजट में घोषित सीमा शुल्क दर संरचना की व्यापक समीक्षा के एक भाग के रूप में, सीतारमण ने सात टैरिफ दरों को हटाने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि इसके बाद शून्य’ दर सहित केवल आठ टैरिफ दरें शेष रह जाएंगी। ट्रंप अक्सर शिकायत करते रहे हैं कि भारत का आयात शुल्क बहुत अधिक है। 2019 में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात से पहले, ट्रम्प ने प्रतिष्ठित हार्ले-डेविडसन मोटरसाइकिलों पर उच्च आयात शुल्क के बारे में शिकायत की थी।




